अक्षय हत्याकांड: 10 माह से फरार हथियार देने वाला जंगली फौजी गिरफ्तार

गाजियाबाद। मोदीनगर के तिबड़ा रोड स्थित कृष्णाकुंज कॉलोनी में अक्षय सांगवान की गोलियों से भूनकर हत्या के मामले में पिछले 10 माह से वांछित चल रहे हथियार और शूटर मुहैया कराने वाले मुरादनगर थाना क्षेत्र के गांव सुराना निवासी यदुवेंद्र यादव उर्फ जंगली फौजी को आखिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण डॉ.ईरज राजा ने बताया कि अक्षय सांगवान की पिछले साल 24 अगस्त की रात में उसके घर से बुलाकर गोलियां से भूनकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को मोदीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र सिंह ने एसएसआई हिंदवीर सिंह,दारोगा सौरभ कुमार टीम के साथ हत्याकांड में पिछले 10 माह से फरार चल रहे यदुवेंद्र यादव उर्फ जंगली फौजी पुत्र राम किशन यादव निवासी गांव सुराना मुरादनगर को काजमपुर कट मोदीनगर के पास से गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि यदुवेंद्र यादव ने ही अक्षय की हत्या में शूटर और हथियार मुहैया कराए थे। बता दें कि जंगली फौजी को गिरफ्तार करने और दबाव बनाने के लिए पुलिस ने बीते आठ दिन पहले इसके साले अमित यादव को उठा लिया था। जिसे मोदीनगर थाने में बंद कर रखा था। रविवार को साले की बहन और अन्य रिश्तेदार उसे छुड़ाने के लिए मोदीनगर थाने पहुंचे तो हंगामा हो गया। पुलिस ने उनमें से कुछ लोगों को हवालात में बंद कर दिया। जबकि कई को पुलिस ने लाठी फटकार कर भगा दिया था। हालांकि रिश्तेदारों का कहना है कि अपराध जंगली फौजी ने किया। ऐसे में रिश्तेदारों को पुलिस गलत परेशान कर रही हैं। साले को उठाए जाने के बाद सोमवार को जंगली फौजी गिरफ्त में आ गया। बता दें कि 24 अगस्त को तिबड़ा रोड स्थित कृष्णाकुंज कालोनी में अक्षय सांगवान की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अक्षय के पिता ने आठ लोगों को नामजद करते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में हालांकि दो नामजदों को क्लीनचिट दे दी गई। जबकि,इसमें रूबी समेत अन्य कई लोगों की जांच में भूमिका सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। यदुवेंद्र सेना में कार्यरत है। आरोप है कि जंगली फौजी ने अक्षय हत्याकांड के आरोपितों को हथियार उपलब्ध कराए थे। वह इस पूरी घटना का साजिशकर्ता भी था। पिछले दिनों पुलिस जंगली फौजी को सुराना गांव में गिरफ्तार करने पहुंची थी तो वहां बवाल हो गया था। ग्रामीण जंगली फौजी के समर्थन में उतर आए तो पुलिस को दबे पांव वापस लौटना पड़ा था। फरारी के चलते ही जंगली फौजी ने अपनी पत्नी रेनू यादव को गांव का प्रधान बना दिया।मोदीनगर थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि जंगली फौजी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी। मगर हाथ नहीं लग रहा था। आर्मी में इसके खिलाफ पत्र भेजे गए। साले को उठाने के बाद इसे गिरफ्तार किया जा सका। जंगली फौजी के गिरफ्तार होने के बाद अक्षय हत्याकांड के सभी आरोपितों को जेल भेजा जा चुका हैं।