उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमितों की मरीजों की जिले में संख्या फिलहाल कम नहीं हो रहा है, मगर मौत का आंकड़ा फिलहाल 67 पर ही टिका हुआ है। पहले के सापेक्ष कोरोना वायरस का प्रकोप अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने कहा कि संपर्क में आने वाले लोगों की जांच से लेकर संक्रमितों का उपचार बेहतर तरीके से होने से अब वायरस का प्रकोप कम होने लगा है। जिले में स्वस्थ होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी अब बढ़ रहा हैं। वहीं,कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की संख्या भी पहले के सापेक्ष बढ़ रही है। पिछले 15 दिन से कोरोना संक्रमण के मामले कम होने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली थी। लेकिन पिछले 4 दिन से संक्रमित मरीजों की संख्या फिर से बढऩे लगी है। सोमवार को 106 नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है हालांकि संक्रमण मुक्त होगी। ओम आइसोलेशन एवं अस्पतालों से 135 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 7341 पहुंच गई है। इनमें से 6204 संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। जबकि अभी भी 1070 मरीजों का होम आइसोलेशन एवं अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है अदालत में संक्रमित मरीज की पुष्टि होने से मंगलवार को अदालत बंद कर दिया गया है। सैनिटाइजेशन होने 24 घंटे के बाद अदालत में कामकाज फिर शुरू होगा। मंगलवार को सुने जाने वाले सभी मुकदमों में 6 अक्टूबर की तारीख लगा दी गई है। जिले में अब 67 मौत की पुष्टि की है।
22 एमबीबीएस डॉक्टर-6 फिजिशियन होगें भर्ती
जिले में कोरोना वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पंचायती राज विभाग से मिले फंड से 22 एमबीबीएस चिकित्सक और छह फिजीशियन संविदा पर भर्ती करेगा। इसके अलावा पांच एचएफएनसी, एक मशीन प्लाज्मा थेरेपी के लिए खरीदी जाएगी। पंचायती राज विभाग ने जनपद में कोविड से लडऩे के लिए 5 करोड़ रुपए का फंड मंजूर किया है। इनमें से ढाई करोड़ रुपए पंचायती राज विभाग ने जारी भी कर दिए हैं। इस फंड को खर्च करने के लिए पांच सदस्यीय समिति निर्णय लेगी। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय समिति के अध्यक्ष हैं,वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) इस समिति के सचिव हैं। समिति में जिला पंचायती राज अधिकारी, नगर आयुक्त और सीडीओ सदस्य होंगे। जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय ने बताया कि शासन की ओर से कोरोना प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग को लगातार मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा चिकित्सकों को संविदा पर लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हाल में ही पंचायती राज विभाग की ओर से जनपद में स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 से जंग लडऩे के लिए पांच करोड़ का फंड मंजूर किया था। सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया ढाई करोड़ की राशि पंचायती राज विभाग की ओर से जारी भी कर दी गई है, बाकी राशि भी जल्दी ही जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने जिलाधिकारी को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर पांच सदस्यीय समिति को निर्णय लेना है। स्वास्थ्य विभाग 22 एमबीबीएस चिकित्सकों को संविदा पर भर्ती करेगा। इसके अलावा एनेस्थीसिया के 10 चिकित्सक, छह फिजीशियन, छह स्टाफ नर्स,12 सफाई कर्मचारी, 50 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रखे जाएंगे। इतना ही नहीं पंचायती राज विभाग से मिले फंड से एक एफेरेसिस (प्लाज्मा थेरेपी के जरूरी) मशीन, रेमिडेशिविर इंजेक्शन, पांच एचएफएनसी (हाई फ्लो नजल कैनुअला,15 बाईपैप समेत अन्य दवा खरीदने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलाधिकारी को भेजा गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति जल्द ही इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेगी। एल-2 के 11 चिकित्सक बदले जाएंगे: नॉन कोविड अस्पताल में देंगे सेवाएं:सीएमओ ने बताया कि जिला संयुक्त अस्पताल में काम कर रहे चिकित्सकों में से 11 ऐसे हैं जिनकी या तो आयु अधिक है या फि कोमोविड हैं। इन सभी को नॉन कोविड अस्पताल में ट्रांसफर किया जाएगा और इनके स्थान पर दूसरे चिकित्सकों को संयुक्त जिला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। बता दें कि संयुक्त अस्पताल में फिलहाल कोविड-19 के उपचार के लिए एल-2 अस्पताल संचालित किया जा रहा हैं।
















