– 95 आवेदन प्राप्त, 48 प्रकरणों में मृत्यु प्रमाण परिजनों को कराये गए
गाजियाबाद। कोरोना काल में कतिपय परिवारों के मुखिया, पिता की मृत्यु हो गई है। ये ऐसे परिवार हंै, जो अपने पिता/गार्जेन को खोने के बाद सदमे की स्थिति में आ गए हंै। ऐसे लोगों, परिवारों की सहायता करना, उनकी समाजिक एवं आर्थिक, व्यवसायिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन गाजियाबाद द्वारा ऑलवेज विद यू नामक कार्यक्रम की शुरूआत 19 मई 2021 को की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 जून तक कुल 95 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए जाने के संबंध में 70 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमे से नगर निगम के 52, तहसील लोनी 1, तहसील मोदीनगर 1 एवं प्रदेश तथा देश के अन्य राज्यों के जनपदों से सम्बन्धित 16 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। नगर निगम द्वारा 52 के आवेदनों में से 48 प्रकरणों में मृत्यु प्रमाण पत्र सम्बन्धित परिवारों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इसी प्रकार लोनी तहसील द्वारा 1 तथा तहसील मोदीनगर द्वारा 1 मृत्यु प्रमाण पत्र सहायता मांगने वाले परिवारों को उपलब्ध कराए जा चुके है। इस प्रकार जनपद से सम्बन्धित कुल 54 आवेदनों में से 50 आवदेनों का निस्तारण कराया जा चुका है, जोकि 90 प्रतिशत है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश तथा देश के अन्य राज्यों से सम्बन्धित 16 मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदनों में से 10 का निस्तारण कराया गया है। जिनमें बागपत-1, हापुड़-3, गौतमबुद्धनगर-3, झज्झर-1 (हरियाणा), गुडग़ांव-1 (हरियाणा) व दिल्ली-1) है। कार्यक्रम के अंतर्गत विरासत, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के तहसील सदर से सम्बन्धित 14 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 10 परिवारों को यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा चुके है। बैंक सेवाओं से सम्बन्धित 7 आवेदनों में से 1 का निस्तारण हो चुका है, अवशेष प्रकरणों पर कार्यवाही जारी है। पुलिस विभाग से सम्बन्धित 2 प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अग्रसारित किया गया है। इसी प्रकार जीएसटी से सम्बन्धित 2 प्रकरणों में से 1 का समाधान कराया जा चुका है, जिसमें उल्लेखनीय तथ्य यह है कि प्रकरण सेंट्रल जीएसटी से सम्बन्धित है तथा यह एक ऐसी विधवा स्त्री से सम्बन्धित है, जिसके पति एवं भाई यूनिक इंटरप्राइजेज नामक संस्था के संचालक थे और दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हुई है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक सहायता मांगने वाले परिवार को अधिकतम 48 घंटे में सहायता डोर स्टेप पर पहुंचाने का प्रयास है। प्रत्येक सहायता मांगने वाले परिवार से प्रशासन द्वारा नामित अधिकारियों द्वारा निरन्तर सम्पर्क बनाते हुए वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने में मदद की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई नई पहल से जनपद ही नहीं अपितु निकटवर्ती जनपदों यथा हापुड़, बागपत, गौतमबुद्धनगर एवं मेरठ के साथ-साथ दिल्ली एवं हरियाणा राज्यों से सम्बन्धित परिवारों को भी अभिलेखीय सहायता प्राप्त कराई जा रही है।
















