भक्तमाल जयंती के अवसर पर दिव्य संत सम्मेलन का भव्य आयोजन
गाजियाबाद। हिंदी भवन में भक्तमाल जयंती के अवसर पर गुरूवार को दिव्य संत सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। संयोजक नवनीत प्रिय दास रहें। कार्यक्रम में दूर-दूर से आए संतों ने शिरकत की। परम पूजनीय मलूक पीठाधीश्वर जगतगुरु चार्य डॉक्टर स्वामी राजेंद्र देवाचार्य महाराज, कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर, महाराज पूज्य स्वामी शरण, महाराज अयोध्या पूज्य रविनंदन शास्त्री, महाराज वृंदावन राम कृपालु दास महाराज, सेवानंद ब्रह्मचारी रासराज , पूज्य किशोरी शरण भक्त माली, नरेश भैया, गो वत्स अंकित कृष्ण परम पूजनीय महंत नारायण गिरी महाराज राष्ट्रीय प्रवक्ता जूना अखाड़ा, परम पूजनीय पीपा पीठाधीश्वर झंकार ईश्वर दास त्यागी महाराज उपस्थित रहे।
श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ने कहा भागवत भक्तों के चरित्र की कथा है। गृहस्थ आश्रम में बच्चों को भक्त और भगवान के चरित्र को जरूर सुनाएं। जिससे उनके अंदर भक्तिभाव के साथ उत्तम विचार पैदा हो। भगवत कथा मनुष्यों एवं प्रत्येक प्राणियों के लिए प्राण है। धन्य है यह भूमि यहां भागवत कथा हो रही है। मानव को सतत कर्मशील, सत साहसी होना चाहिए। भागवत कथा भक्त को, मानव को शरणागति का संदेश देती है।
अगर व्यक्ति अपना कल्याण चाहता है तो भगवान श्री कृष्ण की शरणागति करनी चाहिए। भक्तों की कथा बहुत गुणों से सुनने के लिए ही मिलती है। मैं इस आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद देता हूं। अयोध्या से पधारे पूज्य स्वामी शरण महाराज ने कहा भक्तों के प्रति हमसेे से कोई अपराध न हो जाए। यह ध्यान रखना चाहिए। सभी महात्माओं ने एवं संतों ने अपने अपने वक्तव्य में भगवान का चरित्र और भक्तों के चरित्र का वर्णन किया एवं भजनों के माध्यम से भक्तों को ज्ञान प्रदान किया।
संतों का नवनीत प्रिय दास द्वारा माला पटका शॉल स्मृति चिन्ह एवं धार्मिक ग्रंथ देकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान डॉ सुरेंद्र, सुशील, देवेंद्र हितकारी, सौरभ जायसवाल, नवीन सिंघल, मनोज गुप्ता, संजय पुंडीर, अरविंद भारद्वाज, विष्णु दीप गर्ग, कैलाश चंद गोयल, पुनीत त्यागी, हिरदेश अग्रवाल, राजीव मोहन गुप्ता, विजय जिंदल, संजीव गुप्ता, विशाल राघव, लक्ष भारद्वाज, अमित यादव, पुनीत वशिष्ठ, प्रशांत, कपिल चौधरी, यश भारद्वाज, सुतीक्षण एवं परीकर समेत भक्त गण उपस्थित रहे।
















