ट्यूवेल लगने और रिबोर कराने के मामले में भाजपा पार्षद ने जताई नाराजगी

गाजियाबाद। नए ट्यवेल लगाने और पुराने ट्यूवेल को रिबोर कराने के मामले में अनियमितता का आरोप लगाया है। भाजपा पार्षद राजेन्द्र त्यागी ने बुधवार को राजनगर में प्रेसवार्ता कर बताया कि जलकल विभाग ने दिसंबर में ही 9 टयूवेल रिबोर करने और 1 नया टयूवेल लगाने के मामले में अग्रिम भुगतान कर दिया। इस मामले में ई-निविदा प्रणाली के मानकों का ठीक ढंग से पालन नही हुआ है। भाजपा पार्षद का आरोप है कि
जलकल विभाग द्वारा 2020-21 में अब तक 19 ट्यूवेल रिबोर किए गए है। इसके लिए जलकल विभाग एक ट्यूवेल लगाने की अनुमानित राशि 18 लाख रुपये निर्धारित करते हुए ई निविदा निकाली गई। ठेकेदारोंं ने 8 प्रतिशत से 25.85 प्रतिशत तक तक राशि पर टेंडर डाला। इसी तरह तीन नए ट्यूवेल लगाने के लिए 32 लाख रुपये निर्धारित किए गए। इसमें ठेकेदारों ने 5.05 प्रतिशत से लेकर 23.85 प्रतिशत कम तक राशि पर टेंडर डाला। उन्होंने बताया कि इसके उलट इसी महीने नई टेंडर प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखा गया। निगम ने स्थानीय ठेकेदारों की बजाय मेरठ जल निगम को 9 ट्यूवेल लगाने और 1 नया ट्यूवेल लगाने के लिए ठेका दे दिया। इसमें काई ई-निविदा का पालन नहीं किया गया। प्रेसवार्ता में हिमांशु मित्तल, अधिवक्ता भूपेंद्र चितौडिय़ा भी उपस्थित थे।