-राष्ट्रधर्म के कर्मयोद्धा थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: गुंजन शर्मा
गाजियाबाद। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा के आह्वान पर भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिवस के रूप में मनाया। बुधवार को बुंलदशहर रोड़ इण्डस्ट्रीज एरिया स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में भाजपाईयों ने उनकी प्रतिमा माल्यर्पण करते हुए फलदार एवं छायादार के करीब 21 पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। भाजपा महानगर महामंत्री पप्पू पहलवान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा एक देश एक संविधान के नारा को केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। देश हित के लिए उनके कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। मुखर्जी के कार्यों को जीवन में नही भुलाना चाहिए, क्योकि जनसंघ के समय यह पहला बलिदान था।
आज उन्ही की वजह से वटवृक्ष के रूप में भाजपा भारतवर्ष में काम कर रही है। महानगर मंत्री गुजंन शर्मा ने कहा डॉ. मुखर्जी एक महान चिंतक व देशभक्त थे। वह एक बहुत ही सुलझे हुए रणनीतिकार थे उन्हीं के प्रयासों से बंगाल में अंग्रेजों द्वारा मुस्लिम लीग की राजनीति को बढावा देने से अंग्रेजों की बंगाल के विभाजन की योजना को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। डॉ. मुखर्जी धर्म के आधार पर विभाजन का घोर विरोध करते थे वो यह भी मानते थे कि हम सब एक है और हममें कोई अंतर नहीं है लेकिन 1950 में नेहरु लियाकत के समझौते के विरोध में उन्होंने भारतीय जनसंघ के नाम से नया राजनैतिक दल बनाया जो आज भारतीय जनता पार्टी के रुप में वटवृक्ष की तरह खड़ा है। उन्होने कहा डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता व अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक, राष्ट्रीयता के समर्थक और सिद्धान्तवादी थे। जब कभी भारत की एकता, अखण्डता एवं राष्ट्रीयता की बात होती है तो उनके द्वारा राष्ट्रजीवन में किये गए योगदान की चर्चा होती रहेगी। इस दौरान सुनील गौतम, गोपाल अग्रवाल, उदिता त्यागी, दयानंद बंसल, रूचिर, सिमल शर्मा, कुलदीप त्यागी आदि मौजूूद रहे।
















