-व्यापारी नेता भाजपा, बसपा छोड़कर रालोद में हुए शामिल
गाजियाबाद। सत्ता में आई भाजपा सरकार भय की राजनीति करवाना चाहती है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा बुनियादी मुद्दों से भटकाने वाली राजनीति करने में माहिर है। इस समय देश-प्रदेश के समक्ष सबसे बड़ा मुद्दा किसान आंदोलन है। यह बातें शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान महानगर अध्यक्ष अरुण चौधरी भुल्लन, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय पाल प्रमुख और जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने कहीं। उन्होंने कहा भाजपा लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन के प्रति पूर्ण उपेक्षाभाव अपनाए हुए है। देश के अन्नदाता किसान का इतना घोर अपमान कभी किसी सरकार में नहीं हुआ। झूठे दावों और वादों के साथ भाजपा ने किसानों के साथ धोखा ही किया है। भाजपा का रवैया पूर्णतया संवेदनशून्य है। भाजपा के जुमलों को देश एवं प्रदेश की जनता जान चुकी है। इसलिए अगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका करारा जवाब देंगे। शुक्रवार को व्यापारी नेता अरविंद तेवतिया अपने समर्थक राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र पाल, नरेन्द्र चौधरी, प्रिंस चौधरी, कुलदीप चौधरी, रिजवान, रूपकिशोर, सचिन देवानिया, अजय तेवतिया, कालूराम अग्रवाल, गौरव कुमार, इंद्रेश यादव, विक्रम चौधरी, अरुण वीरवाल, चंदन कुमार, अतुल चौधरी, रोहित कुमार, संजीव कुमार, प्रवीण, प्रदीप कौशिक, पंकज चौधरी, सतबीर सिंह, सुरेश चौधरी, भाजपा एवं बसपा छोड़कर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) में शामिल हुए। प्रदेश में किसी भी दल की सरकार रालोद के सहयोग के बिना नहीं बन पाएगी। यही कारण है कि आज हर वर्ग और पार्टी के लोग रालोद की नितियों से प्रभावित होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के हाथ मजबूत करने का काम कर रहे है। रालोद में शामिल हुए सभी लोगों का फूल मालाओं के साथ पार्टी में स्वागत किया गया। इस मौके पर विशाल सिरोही एडवोकेट, महानगर महासचिव प्रीतमलाल, प्रदीप त्यागी, विनीत चौधरी, जयपाल सिंह, जितेंद्र नैन व गौरव करोठिया आदि मौजूद रहे।















