गाजियाबाद। कोरोना वायरस की दूसरी लहर पहले से ज्यादा घातक साबित हो रही है। कोविड-19 से जुड़ी रिपोर्ट से इसकी भयावहता का अंदाजा लगता है। व्यापारी एकता समिति संस्थान ने कोरोना संक्रमण से बिगड़ते हालात के मद्देनजर देश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखा गया है। पत्र में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हो रही है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में नए केस सामने आ रहे हैं। हजारों की संख्या में नागरिकों की जान जा रही है। कोविड अस्पतालों में बेड उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इलाज और ऑक्सीजन के अभाव में मरीज दम तोड़ रहे हैं। अभी भी अधिकतर लोग कोरोना के लक्षण होने पर घरेलू उपचार को तवज्जो दे रहे हैं, जिस वजह से महामारी फैल रही है। मरीज अस्पताल तब पहुंच रहे हैं जब उनकी सांसें उखडऩे लगती हैं। डाक्टरी भाषा में इस स्थिति को काफी गंभीर माना जाता है जिसमें रोगी से फेफड़ों तक विषाणु पहुंच जाते हैं। लिहाजा, जागरूकता पर बल दिया जाए। मौजूदा परिस्थितियों को देखकर देश में तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।
















