कारखानों से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन होंगी दर्ज: स्मिता सिंह

-सिर्फ पट्टा विलेख कार्य के लिए आएंगे उद्यमी

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामले और मौत होने के बाद अब जिले में भयावह की स्थिति है,जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाओं को सुचारू करने में विफल साबित हो रहा है। ऐसे में अब जिले ेमें संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों से संबंधित कोई भी शिकायत एवं अन्य कार्य के लिए उद्यमियों को ऑनलाइन ही शिकायत दर्ज करानी होगी। उद्यमियों को सिर्फ पट्टा विलेख के लिए ऑफिस जाकर हस्ताक्षर करने जरूरी है। इसके अलावा रजिस्ट्री,भूखंड ट्रांसफर,नक्शा,अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि के लिए अब ऑनलाइन ही दर्ज करना होगा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की सहायक महाप्रबंधक डॉ.स्मिता सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उद्यमियों को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया है। कोरोना संक्रमण के चलते हालांकि यूपीसीडा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ट्रॉनिका सिटी से लेकर अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रिया चालू है। यूपीसीडा की ओर से 29 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान की जा रही है। इन सेवाओं के लिए उद्यमियों को ऑनलाइन ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत प्राप्त होने के बाद उनका तत्काल निस्तारण कराया जाएगा। इससे यूपीसीडा कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। सहायक महाप्रबंधक डॉ.स्मिता ङ्क्षसंह ने बताया कि पट्टा विलेख के लिए ऑफिस आना जरूरी है,वहीं,भूखंड रजिस्ट्री,भूखंड ट्रांसफर,नक्शा और अनापत्ति प्रमाण पत्र समेत अन्य ऑनलाइन ही दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उनका निस्तारण किया जाएगा।कोरोना संक्रमण के चलते सभी औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री चालू है,ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली करीब 6 फैक्ट्री है,इन फैक्ट्रियों को नियमित रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना महामारी की वजह सेे फैक्ट्री संचालित रहेगी। लेकिन उद्यमियों से संबंधित शिकायतों का ऑनलाइन दर्ज होने के बाद उनका निस्तारण किया जाएगा। यूपीसीडा की सहायक महाप्रबंधक डॉ.स्मिता सिंह ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में निष्क्रिय पड़े बड़े 58 औद्योगिक भूखंडों की सूची तैयार करने के बाद अब इनका निस्तारण किया जा रहा हैं। इनमेंं छोटी इकाइयों को लगाने के लिए भूखंड उपलब्ध कराए जा सकेंगे।यह भूखंड साईट-4 साहिबाबाद, मेरठ रोड,मसूरी-गुलावठी,बुलंदशहर रोड,साउथ साइड ऑफ जीटी रोड आदि औद्योगिक क्षेत्र शामिल है। इन सभी औद्योगिक क्षेत्रों में 58 भूखंड ऐसे है। जिनका क्षेत्रफल एक एकड़ से अधिक है। इन पर पहले फैक्ट्री लगाई गई थी। लेकिन अब यह भूखंड काफी समय से यह खाली पड़े हैं। यूपीसीडा की जुलाई 2020 की उप विभाजन नीति को सरलीकरण कर सब डिवीजन में बदला जाएगा। इन पर सब डिवीजन होने के बाद फैक्ट्री लगाई जा सकेगी।