गाजियाबाद। होली का त्योहार बहुत सावधानी से मनाने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना एक बार फिर प्रभाव जमा रहा है। संक्रमण के मामले हर दिन तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में दोस्त, रिश्तेदार व पड़ोसी के घर जाकर होली मिलन समारोह का हिस्सा बनना खतरनाक हो सकता है। कोरोना की दूसरी लहर पहले के मुकाबले ज्यादा गंभीर हो सकती है। यह बातें शनिवार को वरिष्ठ समाजसेवी, उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष एवं यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पीएन अरोड़ा ने कहीं। उन्होने कहा वायरस के बढ़ते मामलों से घबराएं नहीं, बल्कि एहतियात को अपनी जीवन शैली से जोड़ें। एहतियात ही कोरोना से लडऩे का एकमात्र उपाय है। जरा सी लापरवाही आपके साथ आपके पूरे परिवार को इस संक्रमण की चपेट में ले सकती है। पौष्टिक भोजन करें, योगा करें, बदलते मौसम के मद्देनजर गरम पानी का प्रयोग करें। जहां तक हो सके सामाजिक दूरी बनाकर रखें। डॉ पीएन अरोड़ा ने कहा अपने घर में ही परिवार के साथ होली मनाएं। होली खेलते हुए शरीर के कुछ अंग जैसे आंखें, मुंह नाक के पास रंग लगाने से बचें। केवल सूखे रंगों का ही इस्तेमाल करें। अगर किसी को खांसी-जुकाम या बुखार हो तो पहले अपनी कोरोना जांच कराएं, रिपोर्ट निगेटिव आने पर व स्वस्थ होने पर ही होली खेलें। होलिका दहन व किसी कार्यक्रम के आयोजन पर नियमों का पालन करना जरूरी है। त्योहार में नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। किसी भी कार्यक्रम के आयोजन में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर के इस्तेमाल समेत अन्य सभी गाइडलाइन का पालन करना होगा।















