क्लीन एवं ग्रीन सिटी बनेगा अपना गाजियाबाद

-गाजियाबाद नगर निगम की पहल, पर्यावरण मंत्रालय के साथ किया करार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेडकर की अध्यक्षता में एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

गाजियाबाद। प्रदूषित शहरों की सूची में अक्सर अव्वल स्थान हासिल करने वाला गाजियाबाद आने वाले वर्षों में इस कालिख को अपने माथे से हटा देगा। प्रदूषित शहरों की सूची से गाजियाबाद को बाहर निकालने और शहर की आबोहवा को स्वच्छ एवं तरोताजा बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम ने कमर कस ली है। इसके लिए नगर निगम ने शहर में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) को लागू करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर गाजियाबाद नगर निगम एवं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बीच एक करार भी किया गया है। यह कदम गाजियाबाद को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम द्वारा उठाया गया बड़ा कदम है। पूर्व में जहां नगर निगम का काम-काज सिर्फ नाली-खड़ंजा एवं सड़क बनाने तक सिमटा हुआ था, वहीं अब वह शहर को लेकर बड़ी प्लानिंग कर रहा है। विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी काफी काम किया जा रहा है। नगर निगम की जो नई सोच है उसके मुताबिक धरातल पर काम किया गया तो आने वाले कुछ वर्षों में गाजियाबाद ना सिर्फ विकसित शहर होगा बल्कि इसका नाम देश के क्लीन एवं ग्रीन सिटी में भी ऊपरी पायदान पर रहेगा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेडकर की अध्यक्षता तथा महापौर आशा शर्मा की उपस्थिति में नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा आईआईटी दिल्ली, गाजियाबाद नगर निगम व यूपीपीसीबी के बीच राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखकर नगर निगम द्वारा समय-समय पर बेहतर प्रयास किया जा रहा है। जिसके क्रम में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत नगर निगम द्वारा शहर के वायु प्रदूषण में कमी लाने हेतु क्लीन एयर प्रोजेक्ट के तहत सिटी एक्शन प्लान, सिटी लेवल मॉनिटरिंग कमेटी, एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सैल कमेटियों का गठन किया गया। राष्टÑीय स्वच्छ वायु प्रोग्राम (एनसीएपी) के क्रियान्वयन तथा सफल संचालन हेतु कमेटियों में नगर निगम, जीडीए, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यातायात विभाग, इंवायरोमेंटल सेफ गार्ड कंसलटेंट वर्ल्ड बैंक तथा कंट्री डायरेक्टर, क्लीन एयर एशिया के पदाधिकारी शामिल किए गए हैं।  गाजियाबाद नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ वातावरण प्रदान करने हेतु 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से माईक्रो एक्शन प्लान के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों में रोड साइड पटरी को डस्टमुक्त करने हेतु साइड पटरी पर कट स्टोन लगाने का कार्य कराया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत 10 करोड़ रुपए है। 20 करोड़ रुपए की लागत से शहर के 200 अविकसित पार्कों को विकसित कराया जा रहा है। इसके अलावा 10 करोड़ में रोड साइड पटरी पर ग्रासिंग एवं ग्रीन बेल्ट रेस्टोरेशन का काम, 12 करोड़ में सिटी फॉरेस्ट का काम, एक करोड़ में हाईजैटिंग प्रेशर मशीन, एक करोड़ में एंटीस्मोक गन मशीन का काम, 1.20 करोड़ में वैक्यूम मशीन से सफाई के लिए लिटर पिकर का काम, 24 लाख रुपए में मुख्य बाजारों एवं चौराहों में एयर फिल्टर की स्थापना का काम, 5 करोड़ रुपए में सीएनजी पंप की स्थापना तथा वाहनों में सीएनजी लगाने का काम कराया जा रहा है। राष्टÑीय स्वच्छ वायु प्रोग्राम (एनसीएपी) के क्रियान्वयन तथा सफल संचालन के लिए सिटी लेवल मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में अध्यक्ष म्युनिसिपल कमिश्नर गाजियाबाद, सदस्य सचिव अपर नगरायुक्त, सदस्य मुख्य अभियंता जीडीए, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, एसपी यातायात, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, मुख्य अभियंता जल निगम, महाप्रबंधक जल नगर निगम, मुख्य अभियंता नगर निगम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सैल का भी गठन किया गया है। जिसमें अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उत्सव शर्मा, इनवायरोमेंटल सेफ गार्ड कंसलटेंट वर्ल्ड बैंक नंदनी चौधरी, कंट्री डायरेक्टर क्लीन एयर एशिया प्रार्थना वोहरा व नगर स्वास्थ्य अधिकारी गाजियाबाद शामिल किए गए हैं।