गाजियाबाद नगर निगम ने हैश टैग प्लास्टिक टूरिज्म के नाम से की अभियान की शुरूआत
गाजियाबाद। प्लास्टिक वेस्ट की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी है। नगर निगम ने एक विशेष अभियान की शुरूआत की है। अभियान के तहत प्लास्टिक वेस्ट का स्थायी समाधान ढूंढने के साथ-साथ वेस्ट मैटेरियल का सद्पयोग किया जाएगा। शनिवार को कौंशाबी स्थित लेमन ट्री होटल में हैश टैग प्लास्टिक टूरिज्म के नाम के अपने अभियान की शुरूआत करते हुए कर्टन रेजर सेरेमनी का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना और शहर में पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ाना है।
भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ (आईपीसीए) इस अभियान के ऑफिशियल पार्टनर हैं। मुख्य अतिथि डी.एस. मिश्रा (आईएएस) सचिव आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय भारत सरकार ने इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने हैश टैग प्लास्टिक टूरिज्म का उद्घाटन किया।
आशा शर्मा मेयर गाजियाबाद, म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर, विनोद कुमार जिंदल अतिरिक्त सचिव आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय भारत सरकार, नवीन अग्रवाल अतिरिक्त मिशन निदेशक एसबीएम (शहरी), अजय शंकर पांडे जिलाधिकारी गाजियाबाद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी अपनी पहल में गाजियाबाद नगर निगम को प्रेरित करने के लिए उपस्थित थे।
प्रक्षेपण में भाग लेने वाले कॉर्पोरेट क्षेत्र के कई सदस्यों ने भी अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। मेयर आशा शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक कचरा एक कठोर वास्तविकता बन गया है। प्लास्टिक कचरे द्वारा प्रस्तुत अवसर का पता लगाने का समय आ गया है। हम इस अभियान को रचनात्मक रूप से शुरू कर रहे हैं और प्लास्टिक कचरे के संभावित टिकाऊ समाधान पर फिर से विचार कर रहे हैं।
गाजियाबाद को एक पर्यटक शहर के रूप में विकसित करने का हमारा प्रयास है। हम अपने अभियान में शामिल होने के लिए सभी नागरिकों, संस्थानों, कॉर्पोरेट क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों को आमंत्रित करते हैं। इस अभियान की अवधारणा के बारे में बात कर म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि हमें प्लास्टिक कचरे के पुनचक्रण के मामले में गाजियाबाद को मॉडल शहर के रूप में विकसित करना है।
इस अभियान के माध्यम से हम कचरे के स्रोत अलगाव को बढ़ावा देना और प्लास्टिक कचरे व इसके पुनर्चक्रण के बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं। हम पर्यटन स्थल के रूप में अपने शहर के विकास के लिए पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक उत्पादों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। उन्होने कहा गाजियाबाद को प्लास्टिक टूरिज्म के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। ताकि प्लास्टिक के कचरे के निस्तारण में इसका नाम एक रोल मॉडल के रूप में लिया जाए।
प्लास्टिक कचड़े को दुबारा इस्तेमाल करके इसके नवीनीकरण को बढ़ावा देना है। इसीलिए प्लास्टिक टूरिज्म नाम से इस अभियान की शुरुवात की जा रही है। आईपीसीए के संस्थापक निदेशक आशीष जैन ने यह भी कहा कि हैश टैग प्लास्टिक टूरिज्म अभियान इस समय की जरूरत है और यह प्लास्टिक कचरे के खतरे को संसाधन में बदलने का एक अवसर है।
इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि कैसे प्लास्टिक कचरे को एक संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जाए और प्लास्टिक का कैसे दुबारा इस्तेमाल किया जाए। प्लास्टिक कचरे को अलग करके लोग भी शहर को साफ सुथरा बनाये रखने में मदद कर सकते हैं।
इस दौरान अपर नगरायुक्त राजनारायण पांडे, प्रमोद कुमार, शिव पूजन यादव, लेखाधिकारी अरुण मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार व उद्यान अधिकारी अनुज कुमार, सहायक लेखाधिकारी जेपी सिंह, मुख्य नगर लेखा परीक्षक अरूण कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर देशराज, जीएम जलकल योगेश श्रीवास्तव, एई अनिल त्यागी, श्याम सिंह, देवी सिंह, जोनल प्रभारी सुनील राय, शिव कुमार गौतम, हरि किशन गुप्ता, सुधीर शर्मा, जेई संजय कुमार गंगवार, योगेश कुमार, कपिल सिंह, पूजा सिंह आदि मौजूद रहे।















