चेयरमैन ने आंदोलन को बताया त्यागी बनाम जाट, आंदोलनकारी उखड़े
गाजियाबाद। मुरादनगर श्मशान घाट प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुरादनगर नगर पालिका अध्यक्ष के बीच इस मसले पर बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में अध्यक्ष तेवतिया न्याय के लिए आंदोलनरत परिवारों का समर्थन करने की बजाए जाति-बिरादरी की बात पर बल देते सुनाई दे रहे हैं। वह त्यागी बनाम जाट की बात कर पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। उधर, पीड़ित परिवारों ने इस मामले में चेयरमैन पर तीखा हमला बोला है।
भाकियू नेता राकेश टिकैत और पालिका अध्यक्ष विकास तेवतिया का यह ऑडियो सामने आने के बाद एकाएक विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल श्मशान घाट हादसे के पीड़ित सरकारी स्तर पर जरूरी सुविधाएं न मिलने के विरोध में आंदोलन करने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में पालिका अध्यक्ष पीड़ित परिवारों के आंदोलन को त्यागी बनाम जाट बता रहे हैं। वह पीड़ितों की मदद करने की बजाए उनके धरने को जाति में बांटकर देख रहे हैं। इस ऑडियो में विकास तेवतिया भाकियू नेता राकेश टिकैत से कह रहे हैं कि पीड़ितों की पूरी मदद कर दी गई है।
अधिकारियों ने उस समय नौकरी का आश्वासन दिया था, मगर सरकार ने नौकरियां नहीं दीं। उन्होंने कई बार इस बात पर जोर दिया कि यह जाट बनाम त्यागी की राजनीति है। हालांकि उधर से आ रही आवाज जो कि राकेश टिकैत की ही होने की पुष्टि हुई है, उन्होंने कहा कि पीड़ितों की सहायतार्थ पीड़ित परिवारों की गुजर बसर के लिए दुकानें बनाकर दी जा सकती हैं। उधर, इस ऑडियो के सामने आने पर आंदोलनकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि हमारी लड़ाई सिर्फ सरकारी नौकरी की नहीं बल्कि न्याय की भी है। हमें यह पता चलना चाहिए कि इस नरसंहार के लिए कौन दोषी है? 25 परिवारों को बर्बाद करने वालों को उनके किए की सजा दिलाना भी आंदोलन का हिस्सा है।
पालिका अध्यक्ष की क्या भूमिका है, उसकी भी जांच होनी जरूरी है। क्योंकि पालिका अध्यक्ष गलत बयानी कर शायद कुछ छुपाना चाहते हैं। पीड़ितों का कहना है कि मृतकों में सभी जातियों के लोग हैं। फिर चेयरमैन जाट और त्यागी की राजनीति क्यों कर रहे हैं। वहीं, हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी ने रविवार को धरनास्थल पर पहुंच कर महिलाओं को समर्थन देने की घोषणा की।
















