हॉलमार्क नियम में संशोधन की मांग, सर्राफा कारोबारियों ने बंद की दुकानें

गाजियाबाद। हॉलमार्क के नियमों में बदलाव के विरोध में सोमवार को सर्राफा एसोसिएशन गाजियाबाद के आह्वन पर सर्राफा दुकानें बंद रही। सर्राफा करोबारियों ने हालमार्क के विरोध में पूरे भारत में दुकाने बंद करने का आहवान किया था। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि हम सरकार को बताना चाहते हैंकि कोई भी कानून जो ज्वेलरी ट्रेड के विरुद्घ होगा उसका विरोध किया जाएगा। परंपरागत आभूषण निर्माताओं, कारीगरों, मध्यप वर्गीय और लघु सर्राफा व्यापारियों को समाप्त कर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पंहुचाने के लिए यह कानून बनाया जा रहा है, जो किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सर्राफा एसोसिएशन के संरक्षक राजकिशोर गुप्ता ने कहा एचयूआईडी कोड की लिखापढ़ी हॉलमार्किंग सेंटर तक ही सीमित हो। रिटेलर को इसके आगे ज्यादा लिखा-पढ़ी न करनी पड़े। इसके अलावा उन्होंने दो और मांगों को भी सरकार के सामने रखा है। हम सरकार के नियमों के साथ हैं, लेकिन उसमें कुछ जरूरी संशोधन होना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमारा कारोबार पूरी तरह चौपट हो जाएगा।
महामंत्री गौरव गर्ग ने कहा यूनिक एक ऐसी घातक योजना जिसके तहत सरकार सिफऱ् ज्वैलर पर ही नही बल्कि हमारे कस्टमर तक की निगरानी चाहती है। यदि कोई कस्टमर हॉलमार्क ज्वैलरी ले रहा है तो सरकार ये समझ सकेगी कि ज्वैलरी किसने खरीदी है। यानी अब उसके पास कितना सोना है। कोई हॉलमार्क ज्वैलरी की गुणवत्ता खराब निकलता है तो हॉलमार्क सेन्टर जिम्मेदार होना चाहिये न कि दुकानदार। इस मौके पर अध्यक्ष नितिन गोयल, हरबिंदर कुमार गांधी, कोषाध्यक्ष मुकेश वर्मा सहित स्वर्णजीत सिंह कालरा, अनिल गुलाटी, देवेन्द्र गोयल, रमेश गोयल, प्रदीम खन्ना, जितेन्द्र जैन, दिनेश कुमार गर्ग, तुलसी प्रसाद गर्ग, पुनित गोयल, पवन गोयल, सौरभ गोयल, अमित वर्मा, राजकुमार गर्ग, अमित गोयल, संदी चौबे, हरि कुमार वर्मा, चन्द्रकिशोर गोयल, महेश चन्द गोयल, गुरचरन लाल, सुरेन्द्र कुमार बंसल आदि ने इस कानून का विरोध किया।