उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ते तापमान और हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देशानुसार गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ भट्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान लू लगने का खतरा सबसे अधिक होता है। यदि बहुत आवश्यक हो तो सिर, चेहरा और शरीर को ढककर ही घर से बाहर निकलें। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए नींबू पानी, लस्सी, ओआरएस का घोल और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।
उन्होंने सलाह दी कि हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, ताकि शरीर को ठंडक मिले और पसीना आसानी से सोखकर गर्मी से राहत मिल सके। हीट वेव के दौरान शराब, चाय और कॉफी के अधिक सेवन से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं। यात्रा के दौरान हमेशा पानी की बोतल साथ रखें और अत्यधिक गर्मी महसूस होने पर गीले कपड़े से चेहरा, गर्दन और सिर को ठंडा करें। घरों में हवा के उचित प्रवाह के लिए खिड़कियां खुली रखें और कमरे को ठंडा बनाए रखने के लिए हल्के पर्दों का उपयोग करें। उन्होंने बताया कि बच्चों और पालतू जानवरों को किसी भी परिस्थिति में धूप में खड़ी गाड़ी में न छोड़ें, क्योंकि इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
हीट वेव के प्रभाव को कम करने के लिए घर की निचली मंजिल पर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊपरी मंजिलों पर गर्मी का असर ज्यादा होता है। खाना बनाते समय रसोई की खिड़कियां और दरवाजे खुले रखने चाहिए, ताकि गर्म हवा बाहर निकल सके। लू के लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि गर्मी के इस मौसम में विशेष सावधानी बरतें और हीट वेव से बचने के लिए बताए गए उपायों का पालन करें, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सके।
















