गाजियाबाद में दिपावली होगी खास, नगर निगम ने की तैयारी

-28 से कविनगर में लगेगा दीपावली मेला, होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
-दीपावली मेले में पटरी विक्रेताओं के लिए आय बढ़ाने का बेहतर मौका

गाजियाबाद। शहर के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को सामान बेचने के लिए एक स्थान पर प्लेटफार्म मुहैया कराने के लिए नगर निगम द्वारा इस बार दीपावली मेले का आयोजन किया जाएगा। 28 अक्टूबर से कविनगर रामलीला मैदान में 3 नवंबर तक चलेगा। मेले का आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिसमें 225 स्ट्रीट वेंडर अपना स्टाल लगाया जाएगा।
मंगलवार को नगर निगम सभागार में मेयर आशा शर्मा एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि यह दीपावली मेला पटरी विक्रेताओं के लिए आय बढ़ाने का बेहतर मौका होगा। मेले का मूल उद्देश्य पटरी विक्रेताओं को अधिक सामान बेचकर आय बढ़ाने का मौका दिया जाना है। रामलीला मैदान में मेले के दौरान केवल उन्हीं स्ट्रीट वेंडरों को अपना सामान बेचने की इजाजत दी जाएगी जो प्रधानमंत्री स्वयं निधि योजना के तहत रजिस्टर्ड है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन डूडा में पहले ही कराया जा चुका है। मेले में 225 स्ट्रीट वेंडर शामिल होंगे। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और अन्य आइटम के भी स्टॉल लगाए जाएंगे। 28 से 30 अक्टूबर तक मेले में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कवि सम्मेलन से लेकर प्रदेश सरकार की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करने के लिए स्टॉल लगाए जाएंगे। 30 अक्टूबर को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना कवि सम्मेेलन व अन्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके लिए उनसे समय मांगे गया है। इसके अलावा मेले को और रोचक बनाने के लिए हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें कवि सम्मेलन और अन्य आयोजन होगा। इस दौरान मेयर ने बताया की स्वच्छ भारत मिशन के प्रचार के लिए भी इस मेले में स्टोर लगा जाएगा। मेले को व्यवस्थित बसाया जा सके।Deewali Mela

नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि कोरोना के कारण पिछले साल मार्च से लेकर इस साल मई तक हर वर्ग का कारोबार प्रभावित रहा। त्योहार से लेकर शादी ब्याह तक लोग बंदिशों में मनाने को मजबूर हो गए। ऐसे में पटरी दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों का व्यापार बेपटरी हो गया। दीपावली मेले में पटरी विक्रेताओं के लिए सुनेहरा मौका है, इससे उन्हें आय बढ़ाने का बेहतर मौका होगा। मेले का आने वालों को स्वच्छता अपनाने, संकामक रोगों से बचाव एवं कोविड टीकाकरण कराने आदि के बारे में जागरूक करना है। एलसीडी लगाकर साढ़े चार साल की योगी सरकार की उपलब्धियों का भी प्रचार प्रसार होगा। मेले में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच, बैठने की व्यवस्था, साउंड सिस्टम, प्रकाश की व्यवस्था के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई हैं। वाहन पार्किंग का ठेका करने का निर्देश दिया गया है। जलापूर्ति व मोबाइल टायलेट की व्यवस्था भी की जाएगी।