श्मशान घाट में सीएनजी मशीन का किया जाएगा प्रयोग। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की पहल सितम्बर से कुत्तोंं के शवों का अंतिम संस्कार के लिए
गाजियाबाद। शहर में कुत्तोंं के लिए श्मशान घाट बनाया जाएगा। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की पहल पर पालतू एवं लावारिस कुत्तों के शवों का अंतिम संस्कार सीएनजी मशीन से शुरू कराने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। अगले माह यानी सितंबर से सीएनजी मशीन के जरिए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। नंदी पार्क गौशाला (नंदग्राम) के पास एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के नजदीक कुत्तों के शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए अंत्येष्टि स्थल के निर्माण का काम नगर निगम प्रारंभ कराएगा।
नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ.अनुज कुमार सिंह ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देशानुसार कुत्तों के लिए अंत्येष्टि स्थल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। कुत्तों का अंतिम संस्कार करने के लिए शहर में फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं हैं। निगम द्वारा अंत्येष्टि स्थल बनाने का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने एजेंसी को वर्कआर्डर जारी कर दिया है। करीब 14 लाख रुपए की लागत से इस अंत्येष्टि स्थल का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण होने के बाद सीएनजी मशीन से कुत्तों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि शहर में कुत्तों के अंतिम संस्कार को लेकर जगह न होने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसा न हो, इसलिए अंत्येष्टि स्थल तैयार करने की योजना बनाई गई। एबीसी सेंटर के पास ही नगर निगम की जमीन पर अंत्येष्टि स्थल बनाने का निर्णय लिया गया है। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।शहर में कुत्तों के काटने और पकडऩे का काम निगम ने हालांकि पीएफए को ठेका दे रखा हैं।
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पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए देना होगा शुल्क
डॉ.अनुज कुमार सिंह का कहना है कि नंदग्राम में सेंटर के पास अंत्येष्टि स्थल का निर्माण होने के बाद शहर में मृत होने वाले कुत्तों का अंतिम संस्कार हो सकेगा। अंतिम संस्कार करने के लिए संबंधित व्यक्ति को पर्ची कटवानी पड़ेगी। इसके लिए शुल्क भी देना पड़ेगा। यहां पर कार्य के लिए एक समिति बनाई जाएगी। इसमें सिर्फ लावारिश कुत्तों का अंतिम संस्कार नि:शुल्क किया जाएगा। बाकी कुत्तों का अंतिम संस्कार करने के लिए शुल्क देना पड़ेगा। सितंबर से सेंटर को चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद कुत्तों के अंतिम संस्कार होने शुरू हो जाएंगे।
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