18 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन, रणनीति तैयार
गाजियाबाद। शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन की हठधर्मिता व वादाखिलाफी के विरूद्ध सोमवार को प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में 75 जिला व सभी परियोजना मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया है। इसके अलावा 25 अक्टूबर को हजारों की संख्या में तकनीकी कर्मचारी लखनऊ में शक्ति भवन मुख्यालय का घेराव करेंगे। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उप्र की केंद्रीय कोर कमेटी की बैठक में प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संघ पिछले एक साल से तकनीकी कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है। इसके चलते फरवरी से प्रांतव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की गई थी। सातवें चरण के उपरांत ऊर्जा मंत्री द्वारा हस्तक्षेप किए जाने एवं सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिए जाने पर आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि आंदोलन स्थगित होने के बाद 2 बार उप्र पावर कारपोरेशन लि. की अध्यक्षता में ऊर्जा प्रबंधन व संघ प्रतिनिधिमंडल के मध्य द्विपक्षीय वार्ता में संवर्ग की मांगों के संबंध में आम सहमति भी बन गई थी।
संघ के संरक्षक डीके मिश्र ने बताया कि शासन स्तर पर भी 29 जुलाई, 12 अगस्त और 5 सितम्बर 2021 को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ संघ प्रतिनिधियों की वार्ता में भी संबंधित मांगों पर सहमति बन गई थी, मगर प्रबंधन शासन की मंशा के विरूद्ध ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक अशांति को उत्पन्न कर रहा है। संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष दीपक चक्रवर्ती ने बताया कि शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन द्वारा जायज मांगों को लेकर निरंतर उदासीनता दिखाई जा रही है। प्रबंधन का यह रवैया कर्मचारी और उद्योग हित में नहीं है।
संघ के केंद्रीय महासचिव मो. वसीम ने कहा कि प्रबंधन की हठधर्मिता व अन्यायपूर्ण नीति के कारण संवर्ग में अत्यंत रोष है। संघ हमेशा शांतिपूर्ण रूप से द्विपक्षीय वार्ता के जरिए संवर्ग की जायज मांगों का निवारण चाहता है। मगर प्रबंधन सालभर से परीक्षण के नाम पर महज खानापूर्ति कर रहा है। यदि प्रबंधन ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो संघ आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार करेगा। इसके लिए शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन उत्तरदायी होगा। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को शक्ति भवन लखनऊ का घेराव किया जाएगा। इसके तहत सुबह 10 से शाम 5 बजे तक एक दिवसीय शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है।















