नई दिल्ली। सिंघु बॉर्डर पर दलित युवक की क्रूर तरीके से हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि मृतक के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। शव को पॉलीथिन में लपेट कर एंबुलेंस के जरिए श्मशान घाट ले जाया गया। वहां पहले से चिता तैयार कर ली गई। पुलिस ने आनन-फानन में शव पर डीजल डलवा कर आग लगवा दी। मृतक की पत्नी को अंतिम बार पति का चेहरा भी देखना नसीब नहीं हो सका। अंतिम संस्कार में बरती गई घोर लापरवाही पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने पंजाब में दलितों के अपमान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है।
बता दें कि सिंघ बॉर्डर पर किसान आंदोलन के मंच के पास पंजाब के दलित युवक लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। लखबीर के हाथ-पांव काटकर समीप में पुलिस बैरिकेड पर लटका दिए गए थे। बेअदवी के आरोप में निहंग सिख ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी सरबजीत को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने उसे पुलिस रिमांड पर भेजा है। उधर, पोस्टमार्टम के बाद लखबीर सिंह का शव एंबुलेंस के जरिए शनिवार की देर शाम पंजाब के चीमा गांव पहुंचा था। आरोप है कि शव को पॉलीथिन में लपेट कर रखा गया था। किसी प्रकार का बखेड़ा न हो, इसके चलते पुलिस ने आनन-फानन में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण करा दी। चिता जल्द से जल्द जल सके, इसके लिए शव पर डीजल तक डाला गया।
पीड़ित परिवार को मृतक का चेहरा तक देखने नहीं दिया गया। उधर, भारतीय जनता पार्टी की आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने लखबीर की हत्या को लेकर विपक्षी कांग्रेस पर हमला बोला है। मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि 35 साल के दलित सिख लखबीर सिंह की दिल्ली में पहले बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके बाद रात के अंधेरे में उनका आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने लिखा कि परिवार के सदस्यों को लखबीर सिंह का चेहरा भी देखने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह दलित था।
















