महागुनपुरम में दूषित पानी की समस्या को दूर करने की कवायद

जीडीए 15 दिनों में समस्या को करेगा दूर

गाजियाबाद। महागुनपुरम सोसायटी में दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या को दूर करने की कवायद शुरू हो गई है। जीडीए अगले 15 दिनों में इस समस्या को दूर कराएगा। दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा नागरिकों के बीमार होने का मामला सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया। जीडीए सभागार में ओएसडी सुशील कुमार चौबे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बिल्डर के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। बिल्डर बैठक छोडकऱ जाने लगा तो अफसरों ने मामला शांत कराकर वार्ता शुरू कराई। बिल्डर ने सोसायटी को एओए को हैंडओवर किए जाने को लेकर निश्चित समय नहीं बताया। बैठक में निर्णय हुआ कि सोसायटी में बिजली, स्वच्छ पानी, सीवरेज निस्तारण, भवनों की मरम्मत को लेकर अगले 15 दिनों में अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे। एसटीपी को 15 दिन में ठीक कराने का वादा किया। जीडीए ओएसडी सुशील कुमार चौबे ने बिल्डर अमित जैन को निर्देश दिए कि वह सोसायटी की समस्याओं का तत्काल निस्तारण कराएं। बिल्डर ने एओए और जीडीए अधिकारियों को आश्वस्त किया कि आगामी 5 माह में नया एसटीपी बनना शुरू हो जाएगा। पुराने एसटीपी को 15 दिन में ठीक कराने और एक जेनरेटर लगाने का भी आश्वासन दिया। बैठक में जीडीए के ओएसडी संजय कुमार, अधिशासी अभियंता मानवेंद्र कुमार सिंह, जीडीए प्रवर्तन जोन-4 के प्रभारी सहायक अभियंता योगेश पटेल, एओए अध्यक्ष नवीन तोमर, मूलचंद शर्मा, योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। सोसायटी के पानी की दूसरी जांच में भी पानी स्वच्छ नहीं आ रहा है। कहीं न कहीं से एसटीपी का पानी मिलकर ही पानी की टंकी तक पहुंच रहा है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि पानी के 8 सैंपल लेने के बाद इसकी जांच रिपोर्ट शुक्रवार को आ गई। पहली जांच में क्लोरीनेशन शून्य पाया गया। दूसरी रिपोर्ट में पानी में संक्रमण पाया गया है। इससे जल-जनित रोगों के फैलने की आशंका हैं।