भाकियू अध्यक्ष ने की महापंचायत,दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बैठे किसान,फोर्स ने रोका बैरियर
किसानों की दो टूक किसान कानून को हटवाए बिना नही हटेगें कदम
गाजियाबाद। केंद्र सरकार की कृषि नीतियों, हाल ही में बनाए गए तीन कानूनों और किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों का आंदोलन गुरूवार को आठवे दिन भी जारी है। आंदोलन और भारी संख्या में किसानों के दिल्ली बॉर्डर पर बैठे होने के चलते यातायात बुरी तरह से प्रभावित रहा। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में गुरूवार को छठें दिन यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर किसान और जवान बैरियर तोडऩे की कोशिश में आमने-सामने आ गए। गनीमत रहीं कि किसानों और जवानों के बीच भिड़त होने से बच गई। वहीं,किसानों के आंदोलन के चलते लाखों की संख्या में किसान अब यूपी गेट पर एकत्र हो गए है। भारतीय किसान यूनियन(भाकियू)के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों की भारी संख्या के बीच महापंचायत करते हुए कहा कि किसान भी एक्सप्रेस-वे पर कब्जा नहीं छोड़ेंगे।उधर,केंद्रीय मंत्रियों से किसानों की करीब 7 घंटे तक दिल्ली में बैठक होने के बाद भी कोई निर्णय नहीं हो पाया। चौधरी राकेश टिकैत के अलावा पंजाब,हरियाणा और राजस्थान के अलावा भाकियू भानु गुट के किसानों की वार्ता विफल साबित हो गई। किसानों की महापंचायत के चलते दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस-वे पर जहां जाम लग गया। वहीं,भौपुरा बॉर्डर पर किसानों ने जाम करते हुए रास्ता रोक दिया। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता निभा रहीं है,किसानों के विरोध में पास किए गए बिलों को निरस्त किया जाए। 
इसमें संशोधन होने के बाद ही एक्सप्रेस-वे से कब्जा छोड़ेंगे। यूपी गेट पर किसानों की लाखों में संख्या होने के चलते भारी संख्या में पुलिस फोर्स के अलावा आरएएफ भी तैनात कर दी गई हैं। उधर,मेरठ जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने एसएसपी को शांति व्यवस्था बनाए रखने और फोर्स को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए थे। वहीं,जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पांडेेय एवं एसएसपी कलानिधि नैथानी भी किसानों के बैरियर तोडऩे के बाद हुए हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। किसानों को समझाने का प्रयास किया। मगर किसान एक्सप्रेस-वे और यूपी गेट पर धरना देकर बैठ गए। वहीं,एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह,अपर नगर मजिस्ट्रेट विनय सिंह,एसडीएम खालिद अंजुम,एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह,एसपी सिटी अभिषेक वर्मा, एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह, एएसपी सुनील कुमार, सीओ अंशु जैन समेत भारी संख्या में प्रशासन-पुलिस के अधिकारी एवं जवान किसानों के बीच मुस्तैद होकर समझाने में जुटे रहे। यूपी गेट पर बैठे बागपत से आये किसान सुंदर सिंह ने कहा कि यहां रह के कोई फायदा नहीं है। 
हम काला कानून रद्द करने आए हैं। हम दिल्ली की सारे बॉर्डर बंद करेंगे। हमारे पास 6 महीने तक का राशन है। हमें आपके खाने की जरूरत नहीं है। वोट मांगने के लिए गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के पास समय है लेकिन हम लोगों से मिलने के लिए नहीं है। हम इनका हुक्का पानी बंद करेंगे। गौरतलब है कि किसान आंदोलन का असर आम लोगों पर पड़ा है और लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 
दिल्ली के पास हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई है और दफ्तर जाने वालों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही भीड़ की वजह से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। जबकि किसानों ने ट्रैक्टर पर तिरपाल डालकर इसे ही अपना घर बना लिया है। ठंड से बचने के लिए रजाई-कंबल भी लाए गए हैं। सड़क पर अलाव जल रहा है लेकिन सर्द रातों में इस अलाव की गर्मी से कहीं ज्यादा तपिश किसानों के गुस्से की आग से बढ़ रही है।
जाम से बढ़ी दिक्कतें, किसानों की बढ़ रही है संख्या
यूपी गेट पर गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले रास्ते को किसानों ने बंद कर दिया। जिसके बाद जाम की समस्या तेजी से बढ़ती चली गई। इसी बीच यह भी देखा गया है कि धरना स्थल पर किसानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जिला प्रशासन की समस्याएं और अधिक बढ़ सकती हैं क्योंकि अभी तक तो किसान हाईवे को छोड़कर पुल के नीचे धरना देकर बैठे हुए थे, लेकिन अब किसानों ने अपने साथ में को आक्रमक रूप से आगे बढ़ाने की ठान ली है। जिसके चलते दिल्ली पुलिस के साथ गाजियाबाद पुलिस पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
किसान आंदोलन धरनारत स्थल पर पुलिस-प्रशासन सतर्क
पिछले कई दिनों से किसान विरोधी कृषि बिल को समाप्त करवाने के लिये दिल्ली से सटी यूपी की सीमा पर संघर्ष कर रहे किसानों एवं पुलिस प्रशासन के बीच आज टकराव की स्थिति के कयास लगाये जा रहे हैं। यहां यह बात इसलिये कही जा रही है क्योंकि आज पहली बार किसी भी टकराव की स्थिति से निपटने के लिये पुलिस प्रशासन ने भी युद्घ स्तर पर तैयारी कर ली है। किसी भी टकराव के समय विषम स्थिति से निपटने अथवा सरकार का आदेश मिलने के बाद पिछले कई दिनों से यूपी गेट के पास भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व मे जमे बैठे हजारों-लाखों किसानों को वहां से हटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले किसानों के साथ बैठक करके उन्हें वहां से हटाने का मन बनाया है वहीं ना हटने पर जबरन हटाने के लिये पीएसी, अतिरिक्त पुलिस बल, दंगा नियंत्रण बल, वाटर कैनन के अलावा आसु गैस स्क्वॉड जैसे बलों को मौके पर डिप्लॉय कर दिया है। इतना ही नहीं, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के आला अफसर भी वहां पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
















