बैंक प्रबंधन ने 3 व्यक्तियों की संपत्तियों पर फर्जी तरीके से बांटा लोन
गाजियाबाद। जनपद में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की 2 शाखाओं में करीब 5.85 करोड़ रुपए का घोटाला प्रकाश में आया है। बैंक प्रबंधन ने 3 व्यक्तियों की संपत्तियों पर फर्जी तरीके से ऋण का वितरण कर दिया। प्रशासन की जांच में हेराफेरी सामने आने के बाद डीएम ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलक्ट्रेट में लगे ब्लैक बॉक्स में शिकायत आने के बाद इन मामलों की जांच कराई गई थी। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने इन प्रकरण में पीएनबी की दोनों शाखाओं के दोषी तत्कालीन शाखा प्रबंधक, लोन प्रबंधक व अन्य संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हेतु शासन को पत्र भेजा है। इसके अलावा सभी बैंकों को एडवाइजरी जारी करने की अपील की है। पहले प्रकरण में गोविंदपुरम निवासी सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक लल्लू सिंह मौर्य ने पंजाब नेशनल बैंक की लोहा मंडी शाखा प्रबंधक पर मिलीभगत से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक व लोन मैनेजर ने मिलीभगत कर फर्जी खाता खोलकर भवन संख्या-36ए नेहरू नगर को क्रय करने हेतु 1.50 करोड़ रुपये खाते में ट्रांसफर कर दी। दूसरा प्रकरण कविनगर निवासी सुखपाल सिंह ने रामप्रस्थ स्थित चंद्रनगर की पीएनबी के शाखा प्रबंधक व लोन मैनेजर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। जांच में पता चला कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक व लोन मैनेजर ने तुराबनगर निवासी लक्ष्य तंवर से साज कर सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज के आधार पर चार करोड़ रुपये का ऋण जारी कर दिया। इससे बैंक को करोड़ों रुपये की हानि हुई है। तीसरा प्रकरण आर्यनगर निवासी धर्मेंद्र सिंह गौतम ने पंजाब नेशनल बैंक शाखा चंद्रनगर रामप्रस्थ के शाखा प्रबंधक व लोन मैनेजर के खिलाफ फर्जी, कूटरचित तरीके से कागजात तैयार कर 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर धोखाधड़ी की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। बैंक के तत्कालीन प्रबंधक व लोन मैनेजर ने कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर 35 लाख का लोन स्वीकृत कर सरकार को आर्थिक हानि पहुंचाई।
















