नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड के लिए जीडीए ने तेज की कसरत

निर्माण कार्य कंप्लीट कराने को नई प्लानिंग पर काम

गाजियाबाद। जीडीए ने नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड का निर्माण पूरा करने को कसरत तेज कर दी है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश का कहना है कि 45 मीटर चौड़ी और 20 किलोमीटर लंबी इस रोड का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। शासन से फंड न मिलने पर भी प्राधिकरण स्वयं इसका निर्माण कराएगा। कुछ क्षेत्र में इसका निर्माण हो चुका है। जीडीए ने पूर्व में नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड के लिए 490 करोड़ की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की थी। डासना से लोनी तक इसका 3 फेज में निर्माण करने के लिए डिजाइन तैयार किया गया है। पहले चरण में राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली मेरठ रोड (दुहाई) तक निर्माण होगा। इसका निर्माण पिछले साल शुरू कर दिया गया था। दूसरे चरण दुहाई से एनएच-9 (डासना) तक निर्माण होगा। इसके बाद तीसरे चरण में राजनगर एक्सटेंशन से लोनी तक नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड का निर्माण जीडीए द्वारा कराया जाएगा। मधुबन-बापूधाम योजना और डासना पर इसके लिए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। इस रोड का ज्यादातर हिस्सा जमीन पर होगा। इसके साथ राजनगर एक्सटेंशन से एनपीआर को जोडऩे के लिए एक जोनल रोड भी तैयार कराई जा रही है। जीडीए का इस पर कुल 490 करोड़ रुपए खर्च होगा। नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) कुल 20 किलोमीटर लंबी और 6 लेन चौड़ी होगी। राजनगर एक्सटेंशन से दिल्ली मेरठ रोड (दुहाई) तक 3.5 किमी रोड का पहले निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य चल रहा है। दूसरे चरण में दुहाई से एनएच-9 तक 6.40 किलोमीटर रोड का निर्माण होगा। जबकि तीसरे चरण में राजनगर एक्सटेंशन से लोनी तक 10.10 किलोमीटर लंबाई में निर्माण होगा। रोड का निर्माण होने के बाद हापुड़, मेरठ, गाजियाबाद के लोग सीधे लोनी और पूर्वी दिल्ली आ-जा सकेंगे। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड का निर्माण कंप्लीट कराया जाएगा। मधुबन-बापूधाम में सीधे कनेक्टिविटी करने के लिए रेलवे ट्रैक पर आरओबी का सेतु निर्माण निगम द्वारा निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके पास रोड के लिए 200 मीटर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। शासन को इस जमीन का अधिग्रहण करने हेतु पत्र भेजा जाएगा। फैक्ट्री मालिकों से इसके लिए बात की गई हैं। 200 मीटर जमीन को खरीदने के लिए जीडीए को कई गुना रकम चुकानी होगी। रोड के बीच में आने वाली यह जमीन जीडीए के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में जमीन को अधिग्रहित करने के लिए वर्तमान दरों पर मुआवजा देकर अधिग्रहण किया जाएगा।