गाजियाबाद में ठंड से राहत: नगर निगम ने निराश्रितों के लिए 22 रैन बसेरों में उपलब्ध कराई घर जैसी सुविधा

-गर्म बिस्तर, पेयजल, एलईडी और सुरक्षा सहित स्थाई व अस्थाई आश्रयस्थलों में 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय मिला

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बढ़ती ठंड के मद्देनजर गाजियाबाद नगर निगम ने निराश्रितों के लिए रैन बसेरों में व्यापक व्यवस्था की है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा संचालित 22 रैन बसेरों में निराश्रितों को घर जैसी सुविधा प्रदान की जा रही है। इन स्थलों पर साफ-सफाई के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, गर्म बिस्तर, स्नानघर, शौचालय और एलईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं ताकि निराश्रितों को सुरक्षित और आरामदायक आश्रय मिल सके। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम स्थाई आश्रय स्थलों की संख्या 15 है, जिसमें नसीरपुर फाटक, नया गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, कम्युनिटी सेंटर कौशांबी, डीएलएफ कॉलोनी मोहन नगर, कम्युनिटी सेंटर लाजपत नगर, मधुबन कूलर फैक्ट्री मालीवाडा चौक, कम्युनिटी सेंटर लाल क्वार्टर लोहिया नगर, संतोष अस्पताल के सामने पुराना बस स्टैंड, सेक्टर 11 बी ब्लॉक प्रताप विहार विजय नगर, रेड मॉल के पीछे नया बस अड्डा, अर्थला जीटी रोड, घुकना रेत मंडी के पास, इंदिरापुरम मकनपुर, सुदामा पुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सेक्टर 23 संजय नगर शामिल हैं।

इसके अलावा, आवश्यकता को देखते हुए 7 अस्थाई रैन बसेरों की भी व्यवस्था की गई है। इनमें पैसिफिक मॉल के सामने कौशांबी, रोडवेज बस अड्डे के सामने मोहन नगर चौराहा, रेलवे स्टेशन रोड साहिबाबाद, हापुर रोड कवि नगर फ्लाईओवर के नीचे शामिल हैं। पुराना रेलवे स्टेशन गाजियाबाद, कौशांबी बस अड्डे के अंदर और मिर्जापुर विजय नगर में अस्थाई आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य भी चल रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने हर वर्ष की भांति इस बार भी समय रहते सभी स्थायी और अस्थाई आश्रय स्थलों को व्यवस्थित किया। निर्माण विभाग द्वारा मरम्मत, रंग-रोगन और साफ-सफाई का कार्य पूरा कराया गया। निराश्रितों के लिए घर जैसी सुविधा बनाने के प्रयास के तहत हीटर और एलईडी मनोरंजन व्यवस्था भी स्थापित की गई है।

रात्रि में जोनल प्रभारियों द्वारा खुले में सोने वाले निराश्रितों को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। आश्रय स्थलों में निराश्रितों को गर्म बिस्तर, तख्त, बर्तन, गैस एवं सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रवेश के समय आधार कार्ड और अन्य सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाती है। नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में लगभग 700 से अधिक निराश्रितों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पडऩे पर अस्थाई रैन बसेरों की संख्या बढ़ा कर और अधिक निराश्रितों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था की निगरानी और निरंतर मॉनिटरिंग बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।