अवैध निर्माण पड़ेगा भारी, जीडीए लेगा एक्शन

कंपाउंडिंग शुल्क की वसूली के लिए होगी कड़ी कार्रवाई

गाजियाबाद। अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए का सख्त रूख कायम है। इसी कड़ी में स्वीकृत मानचित्र के विपरित निर्माण करने वालों की अब खैर नहीं है। बिल्डरों के अलावा अन्य निर्माणकर्ताओं को नियम-कानूनों की अनदेखी भारी पड़ने वाली है। जीडीए द्वारा कंपाउंडिंग शुल्क की वसूली गंभीरता के साथ की जाएगी। कंपाउंडिंग शुल्क की धनराशि जीडीए में ऑनलाइन भी जमा की जा सकेगी। इसके लिए आवंटियों से लेकर बिल्डरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने जीडीए के सभी 8 जोन के प्रवर्तन प्रभारियों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। कंपाउंडिंग शुल्क का पैसा अब ऑनलाइन भी जीडीए में जमा हो सकेगा। इसके लिए नोटिस जारी किए जा रहे है। वहीं,जीडीए अब आवंटियों को 5 माह बाद शासन के आदेश पर आवंटियों को ब्याज में छूूट देने की तैयारी में है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने जोनवार कंपाउंडिंग शुल्क वसूली को लेकर प्रवर्तन प्रभारियों की समीक्षा करने के बाद सख्ती से वसूली के निर्देश दिए हैं। ताकि जीडीए की फंड के मामले में खराब स्थिति को सुधारा जा सके। जीडीए को कंपाउंडिंग शुल्क के मामले में 300 से 400 करोड़ रुपए मिल सकता है। इसके अलावा जिन आवंटियों ने बकाया पैसा जमा नहीं कराया जा रहा है। उन्हें भी नोटिस जारी कर अब बकाया पैसा जमा कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ताकि बकाया पैसा आवंटियों से जमा कराया जा सके। कोरोना संक्रमण काल की वजह से प्रदेश शासन ने जीडीए के आवंटियों को ब्याज में 2 फीसदी छूट देने का आदेश फरवरी में दिया था,लेकिन 5 महीने बीतने के बाद भी जीडीए ने इसे लागू नहीं किया। लोगों के बार-बार पूछे जाने के बाद अब बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।

जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड बैठक में ब्याज में छूट देने के प्रस्ताव को रखा जाएगा। वहां से पास होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। शासन का तर्क था कि वर्तमान में प्रदेश की अलग-अलग प्राधिकरण में ब्याज दरों में काफी विषमता है। इसमें कोविड काल को देखते हुए एकरूपता लाने के लिए ब्याज दर को कम किया जाएगा। प्रमुख सचिव (आवास) दीपक कुमार ने आदेश में कहा कि 1 अप्रैल 2020 को एसबीआई जो ब्याज लिया होगा, उससे एक फीसदी अधिक ब्याज प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा। 1 अप्रैल को एसबीआई की ब्याज दर 7.50 फीसदी के करीब थी। इसमें एक फीसदी बढ़ाने पर यह साढ़े 8 फीसदी हो जाएगा। वहीं नए आदेश के तहत चक्रवृद्धि ब्याज में जीडीए अभी तक 3 फीसदी चार्ज करता है। यह घटकर अब 2 फीसदी हो जाएगा।