विश्व टीबी दिवस पर आईएमए का संदेश: हां! हम टीबी समाप्त कर सकते हैं

  • टीबी उन्मूलन में आईएमए की भूमिका, टीबी उन्मूलन पहल समूह

उदय भूमि संवाददाता

गाजियाबाद। 24 मार्च को विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने यस! वी कैन एंड टीबी (हां! हम टीबी समाप्त कर सकते हैं) थीम के तहत सोमवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस अवसर पर आईएमए भवन, गाजियाबाद में आयोजित कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और सरकारी-निजी सहयोग को सशक्त करने पर चर्चा की गई। आईएमए यूपी स्टेट के सचिव डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, और इसे समाप्त करने के लिए समय पर जांच, संपूर्ण उपचार और सामाजिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। आईएमए 1993 से डीओटी रणनीति, टीबी रोकथाम और टीबी उन्मूलन की रणनीति में सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री के आह्वान पर आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दो विशेष समितियों का गठन किया है। इसके अलावा, आईएमए मुख्यालय ने टीबी से जुड़े कलंक को दूर करने के लिए भारतीय टीबी एसोसिएशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

100 दिवसीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का प्रभाव

गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि 100 दिन के विशेष अभियान में 7,97,869 संदिग्धों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 6242 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि लोनी, खोड़ा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच और एक्स-रे के माध्यम से न केवल टीबी बल्कि अन्य बीमारियों के मरीज भी चिन्हित किए गए।

टीबी मुक्त भारत अभियान में आईएमए की प्रतिबद्धता

आईएमए ने 24 मार्च 2025 से एक सप्ताह तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान स्थानीय शाखाओं में स्वतंत्र और संयुक्त कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आईएमए उत्तर प्रदेश और गाजियाबाद के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. राजीव गोयल (अध्यक्ष निर्वाचित, आईएमए यूपी), डॉ. आशीष अग्रवाल (सचिव, आईएमए यूपी), डॉ. वाणी पुरी (कोषाध्यक्ष, आईएमए यूपी), डॉ. विश्वबंधु जिंदल (समन्वयक, आईएमए यूपी), डॉ. नवनीत वर्मा (सह सचिव, आईएमए यूपी), डॉ. प्रहलाद चावला (उपाध्यक्ष, आईएमए गाजियाबाद), डॉ. सार्थक केसरवानी (सचिव, आईएमए गाजियाबाद) उपस्थित रहे। आईएमए ने सभी नागरिकों से टीबी उन्मूलन में सहयोग करने की अपील की और इस लक्ष्य को प्राप्त करने की सामूहिक शपथ दिलाई।