हिंसा को लेकर किसानों ने किया प्रायश्चित
एक दिन का उपवास रखकर किसानों ने मनाया सद्भावना दिवस
गाजियाबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का शनिवार को 66वां दिन है। लेकिन, पिछले 4 दिन में 2 बार हुई हिंसा के बाद आंदोलन अब नया मोड़ ले रहा है। दिल्ली की सीमाओं में डटे किसानों ने शनिवार को एक दिन का उपवास रखकर सद्भावना दिवस मना रहे हैं। इसके जरिए वे 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा का प्रायश्चित किया। यूपी गेट पर बड़ी संख्या में किसानों ने सदभावन दिवस में भाग लिया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को अब राजनीतिक दल खुलकर समर्थन देने लगे हैं। इंडियन नेशनल लोकदल के महासचिव अभय चौटाला ने टिकैत से मुलाकात की। 
आंदोलन को मजबूत करने के लिए पंजाब के किसान अब दूसरे राज्यों के किसानों को भी साथ लाएंगे। इसके लिए पटियाला से 700, मोगा से 450, गुरदासपुर से 50 और होशियारपुर के टांडा से 70 किसान शनिवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। राकेश टिकैत की अपील के बाद शनिवार को भी बड़ी संख्या में किसानों का गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा है। वहीं भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने गाजियाबाद के डीएम पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि डीएम जानबूझकर आंदोलन लंबा खिंचवा रहे हैं। उनका कहना है कि मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान डीएम की राकेश टिकैत से दोस्ती के चलते जो आंंदोलन जल्द खत्म हो सकता था उसे लंबा खिंचवा रहे हैं। भाजपा पार्षद का कहना है कि अधिकारी लोनी विधायक पर ठीकरा फोड़ रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि खुद टिकैत अपनी गिरफ्तारी देने के लिए अधिकारियों को बुलाते रहे, लेकिन अधिकारी शाम को पहुंचे। यह देरी जानबूझ कर की गई। भाजपा पार्षद का कहना है कि अधिकारी एक विधायक पर ठीकरा फोड़ रहे है। लेकिन सच तो यह है कि खुद टिकैत अपनी गिरफ्तारी देने के लिए अधिकारियों को बुलाते रहे,लेकिन अधिकारी शाम को पहुंचे। यह देरी जानबूझ कर की गई। वहीं, संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार गुप्ता नंदी का कहना है कि किसानों को गाजीपुर से उठाने के लिए जिला प्रशासन-पुलिस की नाकामी है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय एवं एसएसपी कलानिधि नैथानी इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। लालकिला की घटना के बाद किसानों का आंदोलन समाप्ति की ओर था। मगर इसमें जिले के मुखिया और एसएसपी की नाकामी सामने आई। इसकी घोर निंदा करते है। इसमें कहीं ना कहीं प्रशासन-पुलिस विफल रही हैं। उधर लोनी बेहटा गांव स्थित दादा मोहन सिंह धामा घेर में गांव वालों ने पंचायत कर विधायक नंदकिशोर गुर्जर का बहिष्कार किया है। इस संबंध में उन्होंने एक पत्र भी जारी किया है। गौरतलब है कि लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने गृहमंत्री को लिखी चि_ी में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर आंदोलनकारियों को फांसी देने तक की मांग की थी, जिसके चलते गांव में पंचायत बुलाई गई थी।
इंटरनेट सेवा बाधित
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में विभिन्न जिलों से किसानों का आना लगातार जारी है। शनिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट बाधित कर दी गई। सेवा विशेषकर धरनास्थल के आसपास इंटरनेट पूरी तरह से बाधित कर दिया था जिसे लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने स्थानीय प्रशासन से तत्काल इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात न रख सकें इसके लिए इंटरनेट बंद किया गया हैं। हालांकि अधिकारिक रूप से इस सम्बंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
















