-टोक्यो ओलंपिक: नीरज चौपड़ी की ऐतिहासिक जीत पर जश्र का सिलसिला जारी
गाजियाबाद। टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा को भाला फेंक में जैसे ही स्वर्ण पदक मिला है, वैसे ही शहर में जश्न का माहौल लगातार जारी है। मिठाई बांटने और खिलाने का दौर लगातार चल रहा है। हर कोई इस जीत की खुशी को अपने अंदाज में मना रहे है। देश के युवा जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंक एथलीट) नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलिपिक में स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है।

यह इसलिए भी गर्व और खुशी की बात है कि भारत के ओलिपिक इतिहास में पहली बार किसी एथलीट ने जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढाया है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सिद्वार्थ कौशिक ने कहा एथलेटिक्स में भारत को एक सदी से भी अधिक समय बाद स्वर्ण पदक मिला है। भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने अपने दम पर देश को पूरे विश्व में गौरवान्वित किया है। जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने से देश के प्रतिभावान खिलाडिय़ों में नए जोश का संचार होगा। खेल बजट बढ़े और खिलाडिय़ों को सुविधाएं मिले तो खिलाड़ी और ज्यादा मान बढ़ा सकते हैं। इस खेल को अब सच में एक पहचान मिलेगी। अभी तक हमें ही टोका जाता था। दोगुना मेहनत के साथ हम भी देश का मान बढ़ाएंगे।

लायंस क्लब गाजियाबाद के कोषाध्यक्ष लॉयन मनोज तायल का कहना है कि ओलिपिक स्पर्धा में भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा द्वारा स्वर्ण पदक जीतना हमारे खेल के लिए जीवन है। यहां कोई इसे ज्यादा नहीं जानता। यही वजह है कि जिले भर में कोई प्रशिक्षक तक नहीं है। हम यू-ट्यूब चैनल पर अपने सीनियर को देखकर तकनीक सीख रहे हैं। दूसरे थ्रो में नीरज ने पहले से ज्यादा दम दिखाते हुए भाले को 87.58 मीटर दूर फेंका। तभी मैं खुशी के साथ उछल गया और मेरे मुंह से निकला कि हमने गोल्ड जीत लिया। इस जीत से जैवलिन और एथलेटिक्स के प्रति खिलाडिय़ों का रुझान बढेगा। एथलेटिक्स को इससे सम्मान मिलने के साथ ही सरकार भी इसे लेकर गंभीर होगी। यह पूरे देश के लिए जश्न का मौका है।

सदर तहसील सचिव सुबोध शर्मा का कहना है कि अभूतपूर्व जीत से देश गौरवान्वित हुआ है। देश के लिए यह ऐतिहासिक स्वर्णिम क्षण है। उन्होंने कहा कि यह जीत करोड़ों भारतवासियों में उत्साह और युवाओं मे प्रेरणा भर देने वाली है। नीरज चोपड़ा का मैं अत्यंत आभारी हूं। उन्होंने 135 करोड़ भारतीयों के ख्वाब को हकीकत में बदल दिया है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि एथलेटिक्स भी एक खेल है। भाला फेंक में मिले इस स्वर्ण पदक से देश में एथलेटिक्स को संजीवनी मिलेगी। स्वर्ण पदक जीतने की खुशी बयां करने को मेरे पास शब्द नहीं हैं। एक फौजी ने देश का मान बढ़ाया है। मैं भी एक सैनिक हूं। खेलों में नए युग की शुरुआत होगी। देश के 135 करोड़ भारतीयों की तरफ से शुभकामनाएं। अगले ओलिंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन करते रहें। स्वर्ण पदक से खिलाडिय़ों के प्रति लोगों की मानसिकता बदलेगी।















