जीडीए सभागार में महत्वपूर्ण बैठक, विभिन्न विभागों का मंथन
गाजियाबाद। जनपद के लोनी और मोदीनगर में अगले 10 वर्ष में जनसंख्या में करीब 15 लाख की संभावित वृद्धि को ध्यान में रखकर महायोजना-2031 का मास्टर प्लान तैयार होगा। जीडीए सभागार में उपाध्यक्ष कृष्ण करूणेश की अध्यक्षता में मंगलवार को सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ महायोजना-2031 का मास्टर प्लान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के तहत महायोजना-2031 का ज्योग्राफिकल आधारित सर्वे के आधार पर यह मास्टर प्लान बनाया जाएगा। जीडीए के सीएटीपी आशीष शिवपुरी के मुताबिक महायोजना-2031 के मास्टर प्लान पर केंद्र और प्रदेश सरकार का करीब 10 करोड़ रुपए खर्च होगा। जबकि जीडीए का 50 लाख रुपए सर्वे पर खर्च होगा। हैदराबाद की कंपनी एनआरएसए द्वारा मास्टर प्लान बनाया जा रहा हैं। 90 फीसदी सर्वे पूरा हो गया है। शेष 10 फीसदी जीडीए द्वारा सर्वे कराया जाएगा। वर्तमान में गाजियाबाद, मोदीनगर और लोनी क्षेत्र को महायोजना-2031 की अवधि के लिए नई दिल्ली की डीडीएफ कंसलटेंट कंपनी द्वारा मुख्य नगर नियोजक एवं ग्राम नियोजक और जीडीए द्वारा संयुक्त रूप से तैयार कराया जा रहा हैं। कंसलटेंट कंपनी ने इसका प्रजेंटेशन किया। वहीं, सरकारी विभागों से मास्टर प्लान को लेकर सुझाव मांगे गए। इसमें क्षेत्र के साथ जनसंख्या बढ़ने को लेकर आवासीय, कॉमर्शियल आदि क्षेत्रों के बढ़ने के साथ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) द्वारा दिल्ली के आनंद विहार से मेरठ के पल्लवपुरम तक हाईस्पीड ट्रेन के क्षेत्र को शामिल कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। बैठक में जीडीए सचिव संतोष कुमार राय, चीफ इंजीनियर विवेकानंद सिंह, यूपीसीडा की सहायक महाप्रबंधक डॉ. स्मिता सिंह, रोडवेज एआरएम एन.के. वर्मा, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मनीष वर्मा, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी उत्सव शर्मा, एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह, एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाहा, नगर निगम के अधिशासी अभियंता देशराज सिंह, बीएसए बृजभूषण चौधरी, एनसीआर सेल के मुख्य नगर नियोजक एस.सी. गौड़, चीफ कोर्डिनेटर आदि मौजूद रहे। जीडीए सभागार में बुधवार को महायोजना-2031 के मास्टर प्लान को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। जबकि 20 मार्च को व्यापार मंडल, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, बिल्डर्स, आर्किटेक्ट एसोसिएशन आदि संस्थाओं के साथ बैठक की जाएगी।
कंसलटेंट कंपनी ने बताई वस्तुस्थिति
बैठक में नई दिल्ली की डीडीएफ कंसलटेंट कंपनी द्वारा जीडीए उपाध्यक्ष को गाजियाबाद, लोनी, मोदीनगर महायोजना की वर्तमान स्थिति से जनसंख्या का आंकलन और वर्ष-2031 के लिए प्रस्तावित जनसंख्या के आधार पर वास्तुस्थिति से अवगत कराया गया। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने सभी विभागों के अधिकारियों से अगले 10 साल के लिए प्रस्तावित योजनाएं, बस स्टैंड, ट्रांसपोर्ट नगर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि के लिए जरूरी भूमि, नगर निगम समेत अन्य विभागों की योजनाओं आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जल निगम के अधिकारियों ने प्रस्तावित एसटीपी के लिए भूमि प्रस्तावित करने का अनुरोध किया। जबकि यूपीसीडा और आवास एवं विकास परिषद की वर्तमान एवं भविष्य के लिए प्रस्तावित योजनाओं के बारे में सफ्ताहभर में पूरे विवरण के साथ ग्राम वार और गाटेवार सूचना देने के लिए कहा गया। ताकि इन्हें महायोजना में शामिल किया जा सके। यह महायोजना-2021 के बाद अब महायोजना-2031 का मास्टर प्लान 10 साल के लिए बनाया जाएगा। इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर सुझाव जीडीए अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि इस महायोजना में इन्हें शामिल किया जा सके। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बैठक में सभी अधिकारियों को एनएचएआई द्वारा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और एनसीआरटीसी का निर्माणाधीन प्रोजेक्ट आरआरटीएस का क्षेत्र इसमें शामिल करने के लिए कंसलटेंट कंपनी को निर्देश दिए ताकि इन क्षेत्रों को महायोजना में शामिल किया जा सके।















