अल्पसंख्यक वोटों के सियासी सौदागरों का मोदी ने किया सफाया: मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली/गाजियाबाद। नई दिल्ली में मौलाना आजाद एजूकेशन फांउडेशन की जनरल व गवर्निंग बाड़ी की मीटिंग सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता फांउडेशन के अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा भाजपा सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चल रही है, जबकि कुछ दलों के लिए खुद के नेताओं के विकास तक यह सीमित रहा है। नरेन्द्र मोदी शासन के पिछले सात वर्षों में हुनर हाट के माध्यम से पांच लाख, 50 हजार से ज्यादा कारीगरों, शिल्पकारों को रोजगार, पांच करोड़ से ज्यादा अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, मुस्लिम लड़कियों का स्कूल ड्राप आउट 70 प्रतिशत से घटकर लगभग 30 प्रतिशत होना जैसे कई काम हैं, जिसने बदलाव की शुरुआत कर दी। दो करोड़ गरीबों को घर दिया तो उसमें 31 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय को मिले हैं। 12 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत लाभ दिया तो उसमें भी 33 प्रतिशत से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब किसान हैं। आठ करोड़ से ज्यादा महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत निश्शुल्क गैस कनेक्शन दिया तो उसमें 37 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवार लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा महिलाओं की स्वतंत्रता, सम्मान, सशक्तिकरण एवं संवैधानिक समानता पर तालिबानी सोच रखने वालों की सनक हिंदुस्तान में नहीं चलेगी। आजादी के 75 वर्षों में अल्पसंख्यक वोटों के सियासी सौदागरों ने उनके शोषण की 75 शतरंजी चालें चली हैं। अल्पसंख्यकों के मूलभूत आर्थिक-सामाजिक-शैक्षिक सरोकार को नजरअंदाज किया और बांटो और राज करो का रास्ता अपनाया। जबकि भाजपा के लिए विकास का मसौदा, वोट का सौदा ना था और ना रहेगा। इस मौके पर मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी श्रीनिवास डांडा, मधुकर नायक, कुमार सौरभ, फांउडेशन के उपाध्यक्ष सरदार एसपी सिंह, कोषाध्यक्ष शाकिर अंसारी, सचिव एसपी सिंह तेवतिया, सदस्य जाफरीन मेंहजबीन, अशरफ, शेख अब्दुल करीम, मुन्नवरी बेगम, सलीम खान, रजा बिलाल, जाहिद हुसैन, शादाब आलम, डा0 मीर व फांउडेशन के अधिकारी मौजूद रहें।