13 स्थाई-25 अस्थाई रैन बसेरों में ठहरे बे-आसरा
रैन बसेरे में मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी का कराया जाएगा पालन
गाजियाबाद। ठंड बढ़ते ही रैन बसेरे तैयार हो चुके हैं। रैन बसेरों में राहगीरों के रुकने के लिए लिहाफ एवं गद्दों की व्यवस्था की गई है। रैन बसेरों की सुरक्षा के लिए नगर निगम में कार्यरत एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए रैन बसेरों और ठहरने वाले व्यक्ति को सैनिटाइज किया जा रहा है। ठंड से बचने के लिए नगर निगम ने शहर में बे-आसरा को रात में सोने के लिए 13 स्थाई और 25 अस्थाई रैन बसेरे तैयार कर दिए है। ताकि बे-आसरा इन बसेर में ठहर सके। म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह तंवर के आदेश पर शेल्टर होम में रजाई, गद्दे, तख्त, टीवी, बाथरूम और तापने के लिए लकड़ी के इंतजाम किए गए है। कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्था कराई गई है।
म्युनिसिपल कमिश्रर महेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में बनाए गए रैन बसेरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि शहर में कोई भी बे-आसरा व्यक्ति खुले में न सोए। इनके लिए राजनगर, नासिरपुर फाटक, पुराना बस अड्डा आदि क्षेत्रों में 13 स्थाई रैन बसेरे बने हैं। जबकि नगर निगम के सभी 5 जोन अंतर्गत 5-5 रैन बसेरे मिलाकर 25 अस्थाई रैन बसेरे तैयार किए गए है। वसुंधरा जोन में पैसेफिक मॉल के सामने कौशांबी में अस्थाई रैन बसेरे बनाया गया। मोहन नगर जोन में रोडवेज बस अड्डा के पास, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन रोड पर बनाया गया। कविनगर जोन में हापुड़ रोड कविनगर फ्लाईओवर के नीचे अस्थाई शेल्टर होम की व्यवस्था की गई है। सिटी जोन अंतर्गत कोतवाली के सामने जीटी रोड पर अस्थाई शेल्टर होम बनाया गया। इन आश्रय स्थलों में मास्क, हैंडवाश, सैनिटाइजर के अलावा आश्रितों को सुविधिाएं मुहैया कराई गई हैं। इनमें रोजाना फॉगिंग कराई जा रही हैं। रैन बसेरों में कंबल, तखत, पानी, आग से बचाव के लिए सिलेंडर, गार्ड, लाइट आदि की व्यवस्था की गई हैं। इन 13 रैन बसेरों में पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय व अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। टीवी लगाए गए है। ताकि इनमें ठहरने वालों को कोई असुविधा न हो। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश और शीतलहर से सर्दी बढ़ गई है। नगर निगम ने बेसहारा लोगों के ठहरने के लिए रैन बसेरों (आश्रय स्थलों) में व्यवस्था दुरुस्त कराई गई हैं। कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करते हुए रैन बसेरे शुरू किए गए हैं। निगम ने 14 स्थाई आश्रय स्थलों के अलावा कई स्थानों पर तंबू लगाकर अस्थायी आश्रय स्थल भी बनाए हैं। देखभाल करने वाले कर्मचारी ठहरने वाले लोगों को मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी पर अमल करने के निर्देश दे रहे हैं। इन सभी स्थाई और अस्थायी आश्रय स्थलों के अलावा निगम ने बस अड्डों और रेलवे स्टेशन समेत प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाने का भी दावा किया है।
















