-कर्मचारी संघ के महामंत्री को जारी स्पष्टीकरण को निरस्त करने की मांग
गाजियाबाद। नगर निगम कर्मचारी संघ ने निगम कर्मचारियों के साथ हो रहे उत्पीडऩ के विरोध में नगर आयुक्त को पत्र जारी किया है। अध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि नगर निगम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती के अभाव में समस्त कर्मचारियों द्वारा कार्य की अधिकता होने की बावजूद अपनी क्षमता से अधिक कार्य किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों का न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक उत्पीडन हो रहा है, तथा कार्य की अधिकता होने के कारण कर्मचारियों से देर रात तक तथा अवकाश के दिनों में भी कार्यालय में बुलाकर कार्य कराया जाता है। नियमानुसार लिपिक द्वारा केवल कार्यालय पटल का ही कार्य सम्पादित किये जाने की व्यवस्था है। परन्तु उच्चाधिकारियों द्वारा लिपिक वर्गों से ही स्थलीय निरीक्षण, फिल्डवर्क का कार्य लिये जाने के लिए विवश किया जा रहा है। जो किसी भी रूप में न्यायोंचित नही है।
नगर निगम में तैनाती के उपरांत कभी भी कर्मचारी स्टाफ की कमी के सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर समीक्षा न करते हुये कर्मचारियों को प्रताडित करने की मंशा से सीधे स्पष्टीकरण जारी करने की प्रथा प्रचलित की जा रही है, जो कर्मचारियों के उत्पीडनात्मक कार्यवाही की श्रेणी में आता है। कभी भी इस बात की समीक्षा भी नही की गयी कि किस विभाग में कितने कर्मचारी तैनात है। उसके सापेक्ष कितने कर्मचारियों की कार्यो को सुचारू रूप से सम्पादन कराने के लिए आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अधिकतर कर्मचारियों से अपने कार्यों के साथ-साथ बीएलओ, निर्वाचन सम्बन्धी व अन्य केन्द्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में भी कार्य लिया जा रहा है, परन्तु उक्त के सम्बन्ध में कभी कोई बैठक, समीक्षा नही की गयी और न ही कोई समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
रविन्द्र कुमार ने कहा कि नितिन भारद्वाज, प्रथम श्रेणी लिपिक (विज्ञापन एवं बीओटी), जो वर्तमान में नगर निगम कर्मचारी संघ 9495 के निर्वाचित महामंत्री भी है, के विरूद्ध सीधे स्पष्टीकरण जारी करने की कार्यवाही की गयी है जो कि कर्मचारी हितों के प्रतिकूल है। अत: अनुरोध है कि वर्णित तथ्यों का गम्भीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुये उपरोक्तानुसार कर्मचारियों, अधिकारियों को जारी स्पष्टीकरण प्रणाली के सम्बन्ध में कोई समाधान निकालते हुये तदक्रम में आप द्वारा गुरुवार को जारी स्पष्टीकरण को निरस्त करते हुये वापिस लेने की मांग की। नही तो अगामी मंगलवार से अनिश्चित काल के लिये नगर निगम कर्मचारी संघ के आहवाहन पर समस्त निगम कर्मचारीगणं जोनल कार्यालयों सहित मुख्यालय में पूर्ण रूप से कार्यो का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे।
















