-आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों का समय पर करें निस्तारण
गजियाबाद। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने गुरूवार को ऑनलाइन बैठक की। इस दौरान जन-शिकायतों एवं समस्याओं का निर्धारित समय में गुणवत्ता परक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। सुबह 11 बजे डीएम ने यह बैठक की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों का नैतिक दायित्व है कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनपद में जनता की शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण त्वरित गति के साथ पूर्ण गुणवत्ता से किया जाए।
इस कार्य में जो भी अधिकारी शिथिलता बरतेंगे, उनके विरूद्ध शासन-प्रशासन स्तर से कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित एवं डिफाल्टर की श्रेणी की शिकायतों का गहन समीक्षा कर पाया कि मुख्यत: नगर निगम की 112, जिला विद्यालय निरीक्षक 42, मुख्य चिकित्सा अधिकारी 17, डूडा 13, उप श्रमायुक्त 8, विद्युत विभाग 17 एवं अन्य विभागों को सम्मिलित कर कुल 258 जनशिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित हैं। डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के प्रति असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों एवं किए जा रहे निस्तारण के संबंध में शासन स्तर से सीधे जांच सुनिश्चित की जा रही है और जनता की शिकायतों एवं समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर हैं।
अत: सभी अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष सरकार की मंशा के अनुरूप आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर गंभीरता एवं सतर्कता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें ताकि गुणवत्ता पूर्वक ढंग से सभी शिकायतों का निस्तारण सरकार की मंशा के अनुरूप समयबद्धता के साथ संभव हो और सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का जनता को भरपूर लाभ मिल सके। डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश देकर स्पष्ट किया है कि समस्त अधिकारी प्रात कार्यालय पहुंच कर आईजीआरएस पोर्टल की लंबित शिकायतों की स्वयं समीक्षा करें और उन्हें गहनता के साथ अध्ययन कर पूर्ण गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकारी दंडात्मक कार्यवाही से बच सकें।
















