-हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं! अधिकारियों की सख्त कार्रवाई, सीसीटीवी से होगी पहचान, नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट के उपयोग को अनिवार्य बनाने के उद्देश्य से नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान को कड़ी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। परिवहन विभाग, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जहां बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने पहुंचे दोपहिया वाहन चालकों के चालान काटे गए और कई को ईंधन देने से इनकार कर दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस नीति को परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने जनवरी 2025 में सभी जिलाधिकारियों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए थे, और गाजियाबाद में यह अभियान जनवरी के अंतिम सप्ताह से प्रभावी रूप से शुरू हो चुका है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में करीब 70 प्रतिशत मौतें सिर की चोटों के कारण होती हैं, जिनसे हेलमेट पहनकर बचा जा सकता है।
शुक्रवार को राजनगर एक्सटेंशन, मेरठ रोड, हापुड़ रोड और पुराने बस अड्डे जैसे प्रमुख इलाकों के पेट्रोल पंपों पर सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राहुल श्रीवास्तव और जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट वाले दोपहिया चालकों को रोककर नियमों का उल्लंघन करने पर उनके ऑनलाइन चालान किए गए और पेट्रोल पंप कर्मचारियों को बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को ईंधन न देने के सख्त निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान सीसीटीवी फुटेज की मदद से वाहनों के नंबर प्लेट नोट किए गए, जिनके आधार पर चालान जारी किए गए। इस दौरान कुछ पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन करने वाले चालकों को फूल देकर प्रोत्साहित भी किया गया। उल्लेखनीय है कि 1 फरवरी को हुए पिछले अभियान में गाजियाबाद के पांच पेट्रोल पंपों के आसपास 97 लोगों के चालान काटे गए थे और तीन वाहनों को सीज किया गया था। इस बार भी पुलिस ने सख्ती दिखाई और बिना हेलमेट वाले चालकों को चेतावनी के साथ चालान जारी किए।
हेलमेट नहीं तो सुविधा नहीं

एआरटीओ
चेकिंग अभियान का नेतृत्व कर रहे एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति सजग करने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि उन्हें अनुशासन सिखाया जाए। नो हेलमेट नो फ्यूल नीति का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि जान बचाना है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना हेलमेट आने वालों को पेट्रोल न दें और इसकी निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। हेलमेट नहीं पहनने वालों को कोई सुविधा नहीं दी जाएगी क्योंकि इसका मकसद लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और उनकी जान बचाना है।
सीसीटीवी से होगी निगरानी, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय

जिला पूर्ति अधिकारी
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि कुछ पंपों पर नियमों की अनदेखी की शिकायतें आई हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हुआ है, वहां जांच के आदेश दिए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारा मकसद लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कराने वाले पेट्रोल पंपों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अच्छा संदेश जाए। हालांकि, अंबेडकर रोड और लोहिया नगर के कुछ पेट्रोल पंपों पर इस नीति का उल्लंघन भी देखने को मिला है, जहां कर्मचारियों ने बिना हेलमेट वाले चालकों को पेट्रोल दिया। प्रशासन ने इन पंपों की जांच के आदेश दिए हैं।
दंड नहीं, सुरक्षा है उद्देश्य

एडीसीपी ट्रैफिक
एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद ने अभियान को लेकर साफ किया कि इसका उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान की हिफाजत करना है। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल चालक ही नहीं, पीछे बैठने वाले की जान भी बचाता है। इसलिए हम सख्ती जरूर कर रहे हैं, लेकिन यह सख्ती सुरक्षा के लिए है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनने से न केवल चालक की बल्कि पीछे बैठे व्यक्ति की भी जान बचाई जा सकती है।
सुरक्षा को लेकर स्टाफ चिंतित, पुलिस तैनाती की मांग
कुछ पंप कर्मचारियों ने शिकायत की कि बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल देने से मना करने पर उनसे अभद्रता और हाथापाई की गई। इस पर प्रशासन ने पंपों पर पुलिस सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है।

















