-नृत्य, संगीत, रचनात्मकता और खेलों के संग बच्चों ने दिखाया उत्साह और आत्मविश्वास
-मासूम बच्चों के हाथों में है भारत का सुनहरा भविष्य: ओपी यादव
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। रजापुर क्षेत्र के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय मोरटी में शुक्रवार को ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन एक भव्य और उत्साहपूर्ण समारोह के साथ हुआ। यह आयोजन बच्चों की प्रतिभा, कला और रचनात्मकता को मंच देने वाला एक अनुपम अवसर बनकर उभरा। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ओ.पी. यादव ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन मासूम आंखों में देश का कल है, और इन नन्हे हाथों में भविष्य की दिशा। ऐसे शिविर न केवल प्रतिभा निखारते हैं बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का बीजारोपण भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं, जरूरत है तो उन्हें मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन देने की। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय बैंड की मधुर धुनों से हुई, जिसने समस्त वातावरण को संगीतमय बना दिया। कथक और राधा-कृष्ण नृत्य, पंढरपुर यात्रा पर आधारित नाट्य मंचन, और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ ने दर्शकों को भावनाओं से भर दिया। ड्राइंग, क्राफ्ट, और अपशिष्ट सामग्री से बनाए गए वस्त्रों का रैंप वॉक रचनात्मकता का जीवंत उदाहरण बने। रैंप वॉक के दौरान बच्चों की कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास देख उपस्थित अतिथि एवं अभिभावक अभिभूत हो गए। खेलकूद गतिविधियों में बैडमिंटन, दौड़ और योगाभ्यास भी शामिल रहे।
बीएसए ओ.पी. यादव ने बच्चों के साथ बैडमिंटन खेलकर उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा कि खेल और शिक्षा का समन्वय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। शिविर में लगे लस्सी, भेलपुरी व अन्य फूड स्टॉल्स बच्चों की पाककला और टीमवर्क का जीवंत प्रदर्शन बने। बच्चों ने स्वयं भोजन तैयार कर विक्रय किया, जिससे उनमें व्यावसायिक सोच और आत्मनिर्भरता की भावना का विकास हुआ। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी कविता चौहान, जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) कुणाल मुद्गल और एसआरजी पूनम शर्मा ने भी शिरकत की और बच्चों को पुरस्कृत करते हुए उनकी प्रतिभा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

















