-निगम से हाथ से मैला उठाने व ढोने वाले स्वच्छकारों की मांगी जानकारी
गाजियाबाद। प्रदेश शासन की राज्य स्तरीय निगरानी समिति के विशिष्ट सदस्य राम भरोसी लाल बाल्मीकि ने कहा कि स्वच्छकारों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी उनका निस्तारण करें। गुरूवार को समिति के विशिष्ट सदस्य राम भरोसी लाल बाल्मीकि ने सिद्धार्थ विहार स्थित जल निगम के गंगाजल वाटर प्लांट के गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लोनी नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी केके भड़ाना, नगर निगम के जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता योगेंद्र यादव, खोड़ा नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह, अपर सूचना अधिकारी गौरव दयाल आदि अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए नगर निगम से हाथ से मैला उठाने व ढोने वाले स्वच्छकारों की जानकारी मांगी। विशिष्ट सदस्य रामभरोसी लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छकारों के चरण धोकर बनारस में जो सम्मान दिया। यह संदेश आमजन तक पहुंचा। उन्हीं के प्रयासों से जन कल्याणकारी योजना धरातल पर साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के दिशा-निर्देश के अनुसार वर्ष-1993 के बाद में कार्य करते हुए दिवंगत स्वच्छकारों के आश्रितों को 10 लाख का मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। सीवर सफाई का कार्य करने वाले स्वच्छकारों को सुरक्षा किट, आधुनिक उपकरण एवं अकाल मृत्यु की संख्या में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा शिक्षा ऋण व छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

बैठक में शहर में सिर पर मैला ढोने एवं हाथ से मैला उठाने वाले स्वच्छकारों की नगर निगम के अधिकारी से जानकारी मांगी। उन्होंने अवगत कराया कि जिले में इनकी संख्या शून्य है। स्वच्छकारों एवं उनके आश्रितों के पुनर्वास की स्थिति संतोषजनक हैं। शुष्क शौचालय की स्थिति नगण्य है। स्वच्छकारों की समस्याओं को लेकर समिति के विशिष्ट सदस्य राम भरोसी बाल्मीकि ने नगर निगम अधिकारियों से 12 बिंदुओं पर जानकारी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में सिर पर मैला ढोने उठाने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या, उनके आश्रितों के पुनर्वास की स्थिति, जिले में शुष्क शौचालयों की संख्या,सुप्रीमकोर्ट के आदेश के अनुसार मृतक कर्मियों के आश्रितों को 10 लाख रुपए का मुआवजा अब तक कितने आश्रितों को दिया गया।
सीवर में कार्य करने वाले स्वच्छकारों को सुरक्षा किट, आधुनिक उपकरण,पुनर्वास के लिए ऋण वितरण को कैंप की सुविधा, प्रशिक्षण दिलाकर व्यवसाय को करने हेतु प्रशिक्षित करना शामिल है। वहीं,समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वच्छकारों के बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, बस्तियों में विकास कार्योंं की स्थिति में सुधार के क्या प्रयास किए गए। आईएमएस एक्ट-2013 के अनुसार जिला स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया या नहीं जिले में आउटसोर्सिंग ठेका सफाई कर्मचारियों को पालिका परिषद में दिए जाने वाले वेतन एवं शासन द्वारा देय सुविधा वेतन ईएसआई,पीएफ,साप्ताहिक अवकाश आदि की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों और उनके आश्रितों की समस्याओं का प्रमुखता से निराकरण कराने के निर्देश।















