पुरानी पेंशन बहाल पदयात्रा : अटेवा गाजियाबाद की धरती पर क्रांति की तैयारी में जुटा संघ

-22 अक्टूबर की पदयात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन

गाजियाबाद। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अटेवा उत्तर प्रदेश के आवाहन पर सभी जनपदों में
अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने जनसंपर्क अभियान संचालित किया। बुधवार को अटेवा गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सीमा भड़ाना, जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप चौहान, जाकिर हुसैन (टीएससीटी), जिला महामंत्री संतोष पाल, जिला मंत्री अरुण त्यागी, जिला मंत्री अजय गहलोत ने 22 अक्टूबर को पदयात्रा निकालने की रूपरेखा तैयार की। पदयात्रा कलेक्ट्रेट धरना स्थल से शुरू होकर जिला मुख्यालय पर समाप्त होगी। जहां मांगों से संबधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाल की मांग पिछले काफी वर्षो से की जा रही है। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही हुई है। नई पेंशन प्रणाली के विरोध में पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। पदयात्रा को सफल बनाने के लिए संगठन के सदस्यों ने इसके संबंध में शिक्षक व कर्मचारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। जिसे समाप्त नही किया जा सकता। उन्होंने कहा आने वाली 22 तारीख को अटेवा गाजियाबाद की धरती पर एक नया इतिहास लिखने वाला है। पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सरकार बजट का रोना रोती रहती है। पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर अटेवा के आंदोलन में सभी विभागों के कर्मचारियों को सक्रिय रूप से भूमिका निभाना चाहिए। यूपी पीडब्लूडी टेक्रिकल असिस्टेन्ट एशोसिएशन, मिनिस्टीरियल एशोसिएशन कार्र्यालय प्रमुख अभियन्ता/क्षेत्रीय मुख्य अभियन्ता कार्यालय यूपी, यूपीपीडब्लूडी सर्किल आफिसेस मिनिस्ट्रीरियल एशोसिएशन यूपी, पीडब्लूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ यूपी, राजकीय परिवाहन चालक संंघ यूपी, यूपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ यूपी, लो०नि०वि० संयुक्त कर्मचारी वेलफेयर एशोसिएशन यूपी समेत विभिन्न संगठनों ने अटेवा पदयात्रा को अपना समर्थन दिया है।
जिला संरक्षक सुधीर त्यागी ने बताया कि भारत सरकार ने सन 2005 के बाद समस्त शिक्षक-कर्मचारियों की पुरानी पेंशन खत्म करते हुए नई पेंशन प्रणाली शुरू की। जो कि शिक्षक-कर्मचारियों के एक धोखा है। जिसे बिल्कुल स्वीकार नही किया जाएगा। पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। 22 अक्टूबर को होने वाली एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो पदयात्रा को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक-कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। सरकार निजी हाथों में सौंपकर शिक्षक-कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। उन्होंने बताया इस पदयात्रा में सभी विभाग, सभी संगठन अटेवा को पुरजोर तरीके से समर्थन दे रहे हैं।