सुंदरदीप फार्मेसी में पशु अधिकार और आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन

उदय भूमि
गाजियाबाद। डासना स्थित सुंदर दीप फार्मेसी कॉलेज द्वारा पशु अधिकार और आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान पर शनिवार को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सुंदर दीप फार्मेसी कॉलेज, गाजियाबाद ने पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पीईटीए), नई दिल्ली के सहयोग से नॉन-एनिमल मेथड्स फॉर ड्रग डेवलपमेंट एंड सेफ्टी टेस्टिंग इन इंडिया, न्यू पाथ फॉर न्यू ड्रग्स विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। इस अवसर पर सुंदर दीप ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन और एसडीजी आई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल और उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल ने छात्र एवं छात्राओं को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) प्रसनजीत कुमार (वाईस चांसलर, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी) ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान में सटीकता और गुणवत्ता के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीकें जैसे आणविक डॉकिंग और पुनर्योगज डीएनए तकनीक न केवल अनुसंधान को उन्नत बनाती हैं, बल्कि नैतिकता के साथ दवा निर्माण को और अधिक प्रभावशाली बनाती हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रोहित बिष्ट (साइंटिस्ट, रेगुलेटरी टेस्टिंग, पीईटीए इंडिया, नई दिल्ली) ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करते हुए बताया कि पीईटीए इंडिया भारत में पशु अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक अग्रणी संगठन है। यह संगठन पशु-मुक्त अनुसंधान तकनीकों, नैतिकता, और वैज्ञानिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. बिष्ट, जो रेगुलेटरी टेस्टिंग में विशेषज्ञ हैं, ने बताया कि पशु-मुक्त तकनीकों के माध्यम से दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रभावी है, बल्कि यह अनुसंधान में नैतिकता को भी प्राथमिकता देता है।

उन्होंने बताया कि भारत में फार्मास्युटिकल अनुसंधान में आणविक डॉकिंग, पुनर्योगज डीएनए तकनीक और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग कैसे पारंपरिक पशु-आधारित तरीकों का एक उत्कृष्ट विकल्प बन सकता है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि पशु-मुक्त तकनीकों को अपना कर वे न केवल वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नैतिक अनुसंधान में भी योगदान दे सकते हैं। कॉलेज के निदेशक और कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर (डॉ.) आर.डी. गुप्ता ने उद्घाटन भाषण में छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नई तकनीकों को आत्मसात करना छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते विश्व में, वैज्ञानिक प्रगति नैतिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम की समन्वयक सुष्मिता मिश्रा (एसोसिएट प्रोफेसर, सुंदर दीप फार्मेसी कॉलेज) ने कार्यक्रम का संचालन बेहतरीन तरीके से किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को उद्योग की बदलती जरूरतों और आधुनिक अनुसंधान तकनीकों से परिचित कराते हैं, जो उन्हें व्यावसायिक रूप से अधिक सक्षम बनाते हैं। इस कार्यक्रम मे डॉ. राजीव रतन (रजिस्ट्रार, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी), डॉ. शालिनी शर्मा (प्रिंसिपल एसपीएस, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी), डॉ. नितिन कुमार, डॉ. सीमा जैन, नेहा जैन और निधि सिंह एवं सुंदर दीप कॉलेज ऑफ फार्मेसी के सभी अधयापक, छात्र-छात्राये और स्टाफ सदस्यों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। यह सेमिनार छात्रों और शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। पीईटीए्र इंडिया की सक्रिय भागीदारी और डॉ. रोहित बिष्ट जैसे अनुभवी वैज्ञानिकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। अंत में, कार्यक्रम का समापन डॉक्टर प्रसून कुमार सक्सेना के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी आयोजकों, वक्ताओं और प्रतिभागियों को उनके सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया गया।