-मेयर ने धरना एवं प्रदर्शन को बताया फर्जी
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा शहर में 1702 दुकानों का डीएम सर्किल रेट के अनुसार किराया बढ़ाने और प्रीमियम वसूली के विरोध में निगम मुख्यालय में शनिवार को भाजपा के पार्षद राजीव शर्मा व्यापारियों के साथ धरने पर बैठ गए। खास बात यह है कि नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में सभागार में जहां बोर्ड बजट बैठक चल रही थीं। वहीं, ऊपर भाजपा पार्षद राजीव शर्मा नारेबाजी करते हुए व्यापारियों के साथ धरने पर बैठे रहे। मेयर आशा शर्मा ने इस धरने प्रदर्शन और फर्जी व्यापारियों को बताते हुए धरना गलत ठहरा दिया। शनिवार सुबह व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा। इस प्रस्ताव के विरोध में घंटाघर, गोल मार्केट, पुरानी मुंसफी, सब्जी मंडी, तुराबनगर सहित कई बाजार की दुकानें बंद थीं। हालांकि नगर निगम की बोर्ड बैठक में दुकानों का किराया बढ़ाने का यह प्रस्ताव फिलहाल लंबित कर दिया गया। नगर निगम द्वारा इसका पूरक प्रस्ताव बनाकर आपत्तियां मांगी जाएगी। इस प्रस्ताव के लंबित होने में मेयर आशा शर्मा से लेकर मेयर के बड़े भाई वरिष्ठ पार्षद अनिल स्वामी, पार्षद राजेंद्र त्यागी एवं भाजपा पार्षद राजीव शर्मा की वजह से नगर निगम की करोड़ों रुपए की इनकम को झटका लग गया। इस प्रस्ताव के विरोध में नगर निगम बोर्ड की बैठक से पहले पार्षद राजीव शर्मा की अगुआई में व्यापारियों ने नगर निगम के मुख्य गेट पर धरना दिया। वरिष्ठ पार्षद अनिल स्वामी वहां पहुंचे और उन्होंने ऐसे किसी प्रस्ताव का सदन में विरोध का आश्वासन दिया। तब जाकर व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त किया। वहीं, इस प्रस्ताव के विरोध में व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानों को बंद कर घंटाघर पर भगतसिंह की प्रतिमा के सामने धरना दिया। पार्षद राजीव शर्मा का कहना है कि कार्यकारिणी में इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया गया था जिसे बाद में वापस ले लिया गया था। मगर अब दोबारा से कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव को पेश किया गया। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। हालंाकि प्रस्ताव पास नहीं हुआ।
















