हाउस टैक्स में वृद्धि की तैयारी का विरोध तेज

पार्षदों ने नगर निगम की घेराबंदी शुरू की

गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा नई नियमावली लागू कर हाउस टैक्स बढ़ाने के लिए आपत्तियां मांग जाने पर पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया है। भाजपा के पूर्व पार्षद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की है। उधर, कांग्रेस, सपा व बसपा के पार्षद हाउस टैक्स वृद्धि के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। पार्षदों का कहना है कि किसी भी हाल में हाउस टैक्स नहीं बढऩे दिया जाएगा। कांग्रेस पार्षद मनोज चौधरी का कहना है कि प्रत्येक साल हाउस टैक्स में स्लैब के अनुसार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में हाउस टैक्स बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। म्युनिसिपल कमिश्नर ने बगैर बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी में प्रस्ताव लाए चर्चा के बिना टैक्स बढ़ाने के लिए नियमावली शासन के आदेश पर लागू करने के लिए आपत्तियां मांग ली हैं। इसको लेकर बोर्ड बैठक में विरोध किया जाएगा। बसपा पार्षद दल के नेता आनंद चौधरी का कहना है कि कोरोना काल में आम आदमी की कमर टूट गई है। इसके बावजूद हाउस टैक्स में बढ़ोतरी करने का खुलकर विरोध किया जाएगा। नगर निगम के पास आय बढ़ाने के लिए अन्य स्रोत हैं। संपत्तियों के किराया बढ़ाने के अलावा लीज पर संपत्तियां देकर आय बढ़ाई जा सकती है। टैक्स का विरोध कर इसे बढऩे नहीं दिया जाएगा। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी टैक्स में बढ़ोत्तरी नहीं की। कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि नगर निगम में टैक्स की निर्धारित दरें अप्रैल 2018 से चली आ रही हैं। इससे पहले निर्धारित दरों में वर्ष 2015 में 10 फीसदी, वर्ष 2016 में 5 फीसदी और वर्ष 2018 में 10 फीसदी स्लैब के अनुसार बढ़ोतरी की गई। हाउस टैक्स को किसी भी कीमत पर नहीं बढऩे दिया जाएगा। आज होने वाली बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। वहीं, भाजपा पार्षद दल के नेता वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि हाउस टैक्स में बढ़ोतरी कर आम जनता पर बोझ डालने का प्रयास म्युनिसिपल कमिश्नर द्वारा किया जा रहा है। टैक्स में बढ़ोतरी ही करनी है तो इस प्रस्ताव को अब से पहले बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी बैठक में क्यों नहीं लाया गया। स्लैब के अनुसार प्रत्येक साल टैक्स में पहले ही बढ़ोतरी हो रही है। हाउस टैक्स में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। इससे लोगों पर आर्थिक भार पड़ेगा। नगर निगम के पास आय के अन्य स्रोत भी हैं। इन पर फोकस कर निगम अपनी आय बढ़ा सकता हैं।