-नगरायुक्त के नेतृत्व में गठित कमेटी जांच में जुटी
-जल्द डीएम के जरिए शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
गाजियाबाद। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में गठित कमेटी निजी अस्पतालों के मेडिकल बिल की गंभीरता से जांच कर रही है। कोविड अस्पतालों से मरीजों के इलाज के दौरान प्रतिदिन जारी किए गए टॉप-5 बिलों की जांच यह कमेटी कर रही है। उप्र शासन को इस संबंध में जल्द रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। टीम में अपर नगर मजिस्टे्रट विनय कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार कोविड अस्पतालों के बिलों की जांच कर रहे हंै। यह कमेटी कोविड अस्पतालों से प्रतिदिन जारी किए गए सबसे ज्यादा रकम के टॉप-5 बिलों की जांच में जुटी है। इसके लिए टीम ने डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के जरिए 20 जून तक जांच पूरी कर यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वहीं, अपर नगर मजिस्टे्रट विनय कुमार सिंह के नेतृत्व मेंं कमेटी जिला प्रशासन को प्राप्त शिकायतों की जांच करेगी। बता दें कि अपै्रल और मई में कोरोना संक्रमण के इलाज के नाम पर अस्पतालों ने मरीजों से मनमाना बिल वसूला था। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के पीक पर पहुंचने से पहले ही अस्पतालों की ओवर बिलिंग की शिकायतें शासन-प्रशासन को मिलनी शुरू हो गई थीं। इसके बाद 13 अप्रैल को शासन ने अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज की अधिकतम दरें तय कर दी थीं। इसमें ए, बी और सी श्रेणी में शहरों को बांटकर दरें तय की गई थीं। जिला गाजियाबाद ए श्रेणी में शामिल है। नतीजन अन्य शहरों की अपेक्षा यहां के लिए इलाज की दरें भी ज्यादा तय की गई थीं। इसके बाद भी अस्पतालों ने यहां खूब मनमानी की। कोरोना संक्रमण के मरीजों से इलाज के नाम पर बड़े अस्पतालों ने 4 लाख से 18 लाख तक बिल वसूला है। ज्यादा बिल बनाए जाने को लेकर मरीजों के तीमारदारों और अस्पताल प्रबंधनों के बीच झगड़े भी हुए। प्रशासन के पास अब तक 8 अस्पतालों की 20 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। प्रशासन ने ओवर बिलिंग की शिकायतों पर शहर के 8 अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया था। इनमें से सिर्फ 3 अस्पतालों ने नोटिस का जवाब दिया है। बाकी 5 अस्पतालों ने सप्ताहभर बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया। ओवर बिलिंग की जांच के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष नगरायुक्त महेंद्र सिंह ने बताया कि एक ई-मेल आईडी जारी की गई है। इस मेल पर लोग उन्हें ओवर बिलिंग की शिकायत के साथ-साथ बिल की कॉपी और अन्य दस्तावेज भी भेज सकेंगे। इस ई-मेल आईडी के जारी होने के बाद ऐसे लोगों को सहूलियत होगी जो अस्पताल प्रबंधन की ओवर बिलिंग की वजह से परेशानी झेल चुके हैं और शिकायत करना चाहते हैं। प्रशासन ने कोई ऐसा प्लेटफार्म लोगों को नहीं दिया था। उन्होंने बताया कि ओवर बिलिंग गाजियाबाद एट जीमेल डॉट कॉम पर बिलिंग की वजह से परेशान लोग शिकायत कर सकते हैं। इन शिकायतों को जांच में शामिल किया जाएगा।
श्रेणी अनुसार निर्धारित थीं दरें:
उप्र शासन ने इलाज की श्रेणी के अनुसार दरें निर्धारित की थीं। इनमें आइसोलेशन बेड विद ऑक्सीजन, आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ आईसीयू बेड शामिल हैं। एनएबीएच से मान्यता प्राप्त 10 हजार रुपए, 15 हजार रुपए और 18 हजार रुपए निर्धारित किए थे। जबकि बगैर मान्यता प्राप्त के लिए 8 हजार रुपए और 15 हजार रुपए की दर तय की गई थी।
शासन स्तर से होगी कार्रवाई
नगरायुक्त महेंद्र सिंह का कहना है कि जिले के सभी अस्पतालों के रोजाना के टॉप-5 बिलों की जांच के निर्देश मिलने के बाद पड़ताल की जा रही हैं। ओवर बिलिंग से प्रभावित पीडि़त ई-मेल पर बिल की कॉपी के साथ शिकायत भेज सकते हैं। इन्हें जांच में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन में अस्पतालों की जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि 8 अस्पतालों की 20 शिकायतें मिली हैं। संबंधित कमेटी इनकी जांच कर रही है। दोनों कमेटियां तय समय में अस्पतालों की जांच कर रिपोर्ट देंगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन स्तर से इस पर कार्रवाई होगी।















