नशा सेवन करने वाले व्यक्ति समाज से होते है तिरस्कृत: डॉ नीतू चावला
गाजियाबाद। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत भागीरथ सेवा संस्थान द्वारा गाजियाबाद के राम चमेली चड्ढा गर्ल्स कॉलेज में मादक पदार्थ के सेवन एवं अवैध व्यापार के विरूद्ध जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शीर्षक था, कॉलेज स्टूडेंट्स में नशे का बढ़ता प्रभाव, दुष्परिणाम एवं समाधान। विचार गोष्ठी में कॉलेज के अध्यापिका, भागीरथ सेवा संस्थान के काउंसलर एवं छात्राओं ने अपने विचार रखें। नशा किस तरीके से समाज और देश को अपनी जद में ले कर खोखला कर रहा है, इस पर विचार करने के साथ ही इस विषय पर भी विचार किया गया कि कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी नशा अपनी तरफ तेजी से आकर्षित कर रहा है जिसके चलते समाज में विभिन्न प्रकार की बुराइयां पैदा हो रही है। एवं छात्र-छात्राओं का कम उम्र में ही स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है।
राम चमेली चड्ढा गर्ल्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ नीतू चावला ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि नशा शरीर और आत्मा दोनों का नाश करता है। नशा स्वयं एवं परिवार की बुराई को रास्ते पर ले जाता है। नशा सेवन करने वाले व्यक्ति में विभिन्न प्रकार की बुराइयां घर कर जाती हैं। नशा सेवन करने वाले व्यक्ति समाज से तिरस्कृत होता है। उन्होने कहा नशा जीवन के लिए सीधे सीधे जहर है। युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाना होगा, इसके लिए हर किसी को एकजुट होना होगा। विचार गोष्ठी के अंत में भागीरथ सेवा संस्थान की कार्यकर्ता एवं काउंसलर प्रियंका भनोट गुप्ता ने छात्राओं से शपथ ली कि वह भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं नशा मुक्त भारत अभियान में अपना पूरा सहयोग देंगी और नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगी। प्रियंका भनोट गुप्ता ने कहा नशा एक अभिशाप है। यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। इन पदार्थो के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक व आर्थिक हानि पहुंचने के साथ सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता है। साथ ही स्वयं व परिवार की सामाजिक स्थिति को भी नुकसान पहुंचता है। वह नशे से अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है। संस्था की तरफ से सुनील शुक्ला ने भी गोष्ठी में अपने विचार रखे।
















