एक लाख रुपए में पुलिस ने किया इमान का सौदा

रिश्वत लेकर छोड़ा ठेकेदार, 2 सिपाही लाइन हाजिर

गाजियाबाद। घंटाघर कोतवाली में तैनात दो सिपाही ने बिहार के ठेकेदार को गांजे की तस्करी करने के आरोप में अवैध रूप से हिरासत में रखने के बाद 1 लाख रुपए लेकर छोडऩे के मामले में जांच के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने दोनों सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया। इस मामले की जांच अब एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल को सौंपी है। बीते 15 जनवरी कोतवाली में तैनात दो सिपाही दीपक और चंद्रशेखर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कार्य करने वाले ठेकेदार राजेश कुमार पांडे को मामले में शक के आधार पर कोतवाली में लेकर आए थे। आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर ठेकेदार को घंटों अवैध रूप से हिरासत में रखा और उसके साथ रात में जमकर मारपीट की। इसके बाद एक लाख रुपए लेकर उसे छोड़ दिया। आरोप है कि पहले 5 लाख रुपए की मांग की गई। मगर इतने पैसे की व्यवस्था न होने पर पत्नी के पास रखे 28 हजार रुपए और अन्य रिश्तेदार से लेकर 1 लाख रुपए सिपाहियों को देने के बाद छोड़ दिया गया। पीडि़त ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री के अलावा एसएसपी से करते हुए न्याय की गुहार लगाई। मामले की जांच कराई गई। जांच में दोनों सिपाही दीपक और चंद्रशेखर दोषी पाए गए। एसएसपी ने इसके बाद इन्हें लाइन हाजिर कर दिया। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। आगे की विभागीय जांच जारी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।