रामलीला मैदान एवं मानसरोवर भवन को प्रशासन बनाए अस्थाई कोविड अस्पताल: डॉली शर्मा

गाजियाबाद। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते कोविड अस्पताल में बेड भर चुके है। जिस कारण मरीजों को सही उपचार न मिलने के कारण मौत का आकड़ा भी बढता जा रहा है। रोजाना हिंडन श्मशान घाट पर दर्जनों कोरोना संक्रमितो की चिताएं जल रही है। लेकिन प्रशासन द्वारा एक या दो आकड़े दर्शाए जा रहे है। कोविड अस्पताल में बेड को लेकर मारामरी चल रही है। जिले के सभी अस्पतालों में बेड फुल और उनमें भी वेटिंग चल रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य डॉली शर्मा ने रामलीला मैदान, हिंदी भवन, मानसरोवर भवन, हज हाउस, बंद पड़े रेड मॉल जैसे स्थानों को अस्थाई रूप से कोविड सेंटर में तब्दील करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने डीएम को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि जनपद में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ज्यादा कोविड सेंटरों की जरूरत है। इसे ध्यान में रखकर उपरोक्त स्थानों पर अस्थाई सेंटर बनाए जाने की जरूरत है। खाली रामलीला मैदान, हिंदी भवन, मानसरोवर भवन, हज हाउस, बंद पड़े रेड मॉल में अस्थाई कोविड अस्पताल बनने से काफी हद तक स्थिति को काबू में किया जा सकता है। नही तो अगामी दिनों में कोरोना संक्रमण विकराल रूप धारण कर सकता है। डॉली शर्मा ने कहा गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रहा है। ऐसे में बेसिक सुविधाओं का अभाव बढ़ता जा रहा है। इस प्रकार की आपात स्थिति में मानसरोवर यात्रा धाम, हज हाउस, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा अन्य प्रकार के स्कूल-कॉलेज तथा इंस्टिट्यूट आदि की बिल्डिंग को तुरंत प्रभाव से अस्थाई कोविड अस्पताल का रूप देकर इस्तेमाल में लाया जाना चाहिए।