-जनपद में राशन डीलरों तक राशन पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन हुआ चौकन्ना
गाजियाबाद। बुलंदशहर जनपद में राशन को गायब करने के मामले में निलंबित किए गए अधिकारियों के बाद अब जनपद में राशन डीलरों तक राशन पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने राशन डिलीवरी को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देशानुसार भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से सीधे राशन डीलरों तक खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था लागू करने को लेकर बैठक की गई। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा चौधरी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रिंस चौधरी, खाद्यान्न विभाग के अधिकारी, परिवहन विभाग,राशन डीलरों सहित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. सीमा चौधरी ने अवगत कराया कि शासनादेश के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अनुसार चिन्हित लाभार्थियों को सब्सिडी दरों पर पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार का दायित्व हैं।
प्रदेश सरकार सब्सिडी दरों पर केंद्र सरकार के निर्धारित गोदाम से प्राप्त कर अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से उचित दर दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी कराएगी। खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए पूर्व में दो स्तर पर परिवहन हैंडलिंग व्यवस्था को सिंगल स्टेज में परिवर्तित कर दिया गया हैं। कोई परिवहन ठेकेदार खाद्यान्न परिवहन की व्यवस्था से सहमत नहीं होता हे तो खाद्यान्न उठान की कार्रवाई बाधित होती है। ऐसे में परिवहन ठेकेदार नए टेंडर में भाग ले सकते है। खाद्यान्न डिलीवरी का कार्य करने से मना करने पर क्षेत्र के नजदीक वाले ठेकेदार से कार्य कराया जा सकेगा। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि परिवहन ठेकेदार को खाद्यान्न प्रेषण का रोस्टर,दुकान वार रूट चार्ट तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा,ताकि परिवहन ठेकेदार प्रत्येक ट्रिप के आवश्यक भार क्षमता का वाहन लगा सकें। जो राशन की दुकानें संकरी गली में है, वहां पर खाद्यान्न आपूर्ति के लिए परिवहन ठेकेदार भारतीय खाद्य निगम डिपो से खाद्यान्न की लोडिंग के लिए अधिकतम 25 प्रतिशत तक हल्के वाहनों को उपयोग में ला सकेंगे।
18 बिंदुओं पर शासनादेश जारी किया गया है। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी का शासनादेश पढ़कर सुनाया और समझा दिया है। ऐसे में शासनादेश का पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी से पालन किया जाए। जिन राशन डीलरों के पास बड़े वाहनों से राशन पहुंचाने में समस्या होती है। उनके यहां छोटे वाहनों द्वारा राशन पहुंचाया जाए। राशन डोर स्टेप तक पहुंचनी चाहिए। अगर राशन डीलर कहता हैं कि उसे राशन की बोरियां तोल कर चाहिए तो उसे तोलकर ही राशन दिया जाए। राशन डीलर को किसी भी हालात में राशन कम नहीं मिलना चाहिए। खाद्यान्न का रोस्टर, दुकानवार रूट चार्ट तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा। अगर कोई समस्या है तो उसे लिखित में दीजिए। उसका निस्तारण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को आदेश दिए कि शासनादेश के अनुसार ही राशन वितरण का काम होना चाहिए। किसी भी पात्र व्यक्ति का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। एफसीआई के धर्मकांटों की मासिक जांच होनी चाहिए।

















