गाजियाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला कारागार का वर्चुअल निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जेलर विजेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में कुल 4167 बंदी निरूद्ध हैं, जिसमें 3854 पुरुष तथा महिलाएं 183 व 6 साल से नीचे की उम्र के बच्चे 7 हैं। उन्होंने बताया कि जो भी नए बंदी जेल में आते हैं या जो संदिग्ध प्रतीत होते हैं, उनका प्रतिदिन कोविड-19 का टेस्ट होता है। जो बंदी धनात्मक पाए जाते हैं, उनके आईसोलेशन की अलग व्यवस्था है। 2 बंदी कोविड-19 धनात्मक पाए गए हैं, जिन्हें आईसोलेशन में रखा गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा रूंगटा ने निर्देशित किया कि कोविड-19 धनात्मक बंदियों की उचित देखभाल की जाए।
प्रतिदिन सैनिटाइजेशन करें। हाई पॉवर कमेटी के तहत अभी तक 773 एवं पैरोल पर 47 बंदियों को रिहा किया जा चुका है। सचिव द्वारा पुरुष बंदी कमालुद्दीन शेखर व राजू तथा महिला बंदी राजबाला से बातचीत की गई व उनकी समस्यों को सुना गया तथा उनके निस्तारण हेतु जेलर को आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने जेलर को निर्देशित किया कि बंदियों के खाने की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। जिला कारागार में तैनात लीगल एड के सदस्यों से वार्तालाप की गई। लीगल एड के तहत करीब 70 बंदियों को विधिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। लीगल एड के सदस्यों को विधिक जानकारी के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए। जेलर को निर्देशित किया गया कि वे जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लिनिक पर विशेष रूप से ध्यान दें ताकि जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
















