बिगड़ते हालात को देख केन्द्रीय मंत्री ने संतोष-रामा अस्पताल में बढाए ऑक्सीजन बेड

-रेमडेसीवर इंजेक्शन को लेकर पैनिक न हो लोग, धैर्य रखे लोग: वीके सिंह

गाजियाबाद। जनपद में कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप रोकने की सभी कोशिशें नाकाम नजर नहीं आ रही हैं। कोविड अस्पतालों में बिस्तर (बेड), ऑसीजन और जरूरी दवाओं की कमी का संकट बरकरार है। समय से इलाज न मिल पाने के कारण मरीज निरंतर दम तोड़ रहे हैं। जनपद गाजियाबाद में बिगड़ते हालात को देखकर केंद्रीय मंत्री एवं सांसद वीके सिंह ने संतोष अस्पताल में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कराई है। इसके अलावा रामा अस्पताल में 400 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए थे। जबकि पहले कुछ बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था थी, मगर अब सभी 400 बेड पर आक्ॅसीजन की व्यवस्था कराई गई है ताकि मरीजों को भर्ती कर ऑसीजन स्तर को कंट्रोल किया जा सके। वीके सिंह ने जिले के अधिकारियों को जिम्मेदारी देखते हुए उन्हें निर्देश दिए हैं कि वह जिले में संक्रमण के जमीनी हालात को देखें और जरूरी व्यवस्थाएं करें ताकि लोगों को इलाज मिल सके। इतना ही नहीं, जिले में ऑसीजन के संकट को समाप्त करने के लिए ऑक्सीजन का कोटा बढ़वाया गया है जिसका असर आज से देखने को मिलेगा और अस्पतालों को उनकी मांग के अनुरूप ऑसीजन उपलध कराई जाएगी। ताकि मरीज आक्सीजन के अभाव में दम न तोड़ सकें। इसके अलावा सांसद वीके सिंह ने मुरादनगर में दो सौ बेड का अस्पताल जल्द से जल्द शुरू कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। मुरादनगर में दो सौ बेड के अस्पताल में पर्याप्त ऑक्सीजन की भी व्यवस्था कराई जाएगी ताकि अधिक से अधिक मरीजों को समय से उपचार दे सकें। इस दौरान वीके सिंह ने कहा कि लोग प्राइवेट अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में भी इलाज के लिए पहुंचे। सरकारी अस्पतालों में भी तमाम सुविधाएं उपलध कराई गई हैं। जहां-जहां दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पैनिक न हों और संक्रमण से बचाव रों। इस दौरान उन्होंने रेमडेसीवर इंजेशन के शॉर्टज पर कहा कि सिर्फ यही इंजेक्शन ऐसा नहीं है जिससे जान बचाई जा सके। इसके अलावा भी कई इंजेक्शन ऐसे हैं जो इलाज में बेहतर मद्द दे सकते हैं। ऐसे में लोग या अस्पताल सिर्फ एक ही इंजेक्शन को लेकर पैनिक न फैलाएं। वीके सिंह ने बताया कि डॉक्टर्स से भी उन्होंने इस संबंध में बेवजह मरीजों को इंजेक्शन शॉर्टज का डर न दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर मरीज को रेमडेसीवर इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में लोग धैर्य रखें और संक्रमण से बचाव रखने के साथ ही हेल्पलाइन से संपर्क कर तत्काल मद्द लें।