दुकानों का किराया बढ़ाने का व्यापारियों ने किया विरोध

-24 से उद्योग व्यापार मंड़ल का अनिश्चितकालीन धरना  

गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा शहर में किराए पर दी गई 1702 दुकानों का किराया 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में आगामी 24 जून से अब उद्योग व्यापार मंडल अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा। बुधवार को नवयुग मार्केट स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए महानगर उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष गोपीचंद अग्रवाल एवं महामंत्री अशोक चावला ने कहा कि नगर निगम द्वारा 1702 दुकानों का किराया बढ़ोतरी किए जाने का अब पुरजोर विरोध किया जाएगा।महापौर एवं नगर आयुक्त से मांग है कि दुकानों का किराया बढ़ाए मगर पिछले 25 साल से आवंटित दुकानों का किराया लिया जाना औचित्यपूर्ण नहीं हैं। महापौर और नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उद्योग व्यापार मंडल अब 24 जून से घंटाघर स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा के पास व्यापारी अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

महानगर अध्यक्ष गोपीचंद, महामंत्री अशोक चावला ने केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी, मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील गोयल,राकेश बवेजा,राकेश गोस्वामी आदि व्यापारियों की मौजूदगी में कहा कि व्यापार मंडल के पदाधिकारी अब पीछे नहीं हटेंगे। गोपीचंद ने कहा कि हम ठोंकने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि सात जून को नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर निगम ने अपनी 1702 दुकानों का किराया बढ़ा दिया। जबकि महापौर किराया नहीं बढ़़ाने का हमें आश्वासन दिया जाता रहा। मगर फिर भी किराया बढ़ा दिया। यह किराया जब से दुकान आवंटित हुई है तब से 10 प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ाया गया। साथ ही नामांत्रण शुल्क बढ़ाकर करीब 3 लाख रुपए कर दिया। व्यापारियों के साथ नगर निगम का यह कुठाराघात है। इसके विरोध में ही 24 जून से निगम के खिलाफ घंटाघर पर व्यापारियों का अनिश्चित कालीन धरना शुरू होगा। धरना शुक्रवार से सुबह 11 बजे से दो बजे तक रहेगा।

मंड़ल के महामंत्री अशोक चावला का कहना है कि किराया बढ़ाने से पहले हमने महापौर आशा शर्मा,पार्षदों,सभी भाजपा नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग मांगा। मगर व्यापारियों की कुछ चुनिंदा पार्षदों को छोड़ मदद नहीं की गई। महापौर ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। मगर उन्होंने व्यापारियों की कोई मदद नहीं की है। दुकानों का किराया बढ़ाने और जीएसटी समेत 40 से 50 हजार रुपए प्रति माह दुकानों का किराया बैठेगा। मंदी के दौर में व्यापारी इतना किराया नहीं दे सकता है। इसी के चलते आंदोलन का निर्णय लिया गया हैं। उन्होंने चेताया कि जल्दी ही निगम के चुनाव है। इसलिए सर्किल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स नहीं बढ़ाया गया है।चुनाव होते ही हाउस टैक्स भी सर्किल रेट के हिसाब से बढऩे की आशंका जताई।

मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील गोयल एवं केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने कहा कि जिस तरह से नगर निगम बोर्ड की बैठक में एक दम से दुकानों का किराया बढ़ाया गया। उससे लगता है कि महापौर व्यापारियों के खिलाफ  है। व्यापारियों की सुविधा बढ़ाने के बजाय निगम ने व्यापारियों को संकट में डालने का फैसला लिया। राकेश स्वामी ने कहा कि गोल मार्केट घंटाघर में वर्ष-1950-52 में दुकानों का आवंटन किया गया था। नगर निगम ने दो रुपए प्रतिवर्ग फुट के हिसाब से दुकानों का नामांत्रण करने का फैसला लिया था। जो अब बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर दिया गया। वहीं,प्रेसवार्ता में महामंत्री अशोक चावला ने इस आंदोलन में जयचंद को दूर रखने की बात कहीं।  कई बार जयचंदों का जिक्र किया। मगर जयचंदों का नाम नहीं लिया। गोपीचंद ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।जयचंदों की एक नहीं चलने दी जाएगी। अनिश्चितकालीन धरना की घोषणा करने के साथ अगली रणनीति भी जल्द बनाई जाएगी।