केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल

सीबीआई एकेडमी के पास धरना देकर बैठे किसान, प्रशासन-पुलिस रहे मुस्तैद

गाजियाबाद। किसान बिल का विरोध करते हुए देशभर में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर जहां एक तरफ किसानों द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ हल्ला बोला गया। जमकर नारेबाजी कर सड़क पर ही चक्का जाम कर देने का मामला देखने को नही मिला। किसानों को हापुड़ रोड स्थित सीबीआई एकेडमी के पास ही प्रशासन-पुलिस फोर्स की टीमों ने रोक दिया। दिल्ली जाने वाले किसानों को जिला प्रशासन और पुलिस फोर्स ने आगे नहीं बढऩे दिए। किसान सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आहवान पर चक्का जमा किया गया था। दुहाई से आज किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। वहीं, भारतीय किसान यूनियन अंबावता से जुड़े किसानों को प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से किसान यूपी गेट होते हुए दिल्ली नहीं जा सके।

भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठ कर सीबीआई एकेडमी के पास पहुंचे। इससे पूर्व गांव रईसपुर में धरना स्थल पर किसान एकत्र हुए। यहां पर मधुबन-बापूधाम थाना प्रभारी अमित कुमार खारी,सेक्टर-23 चौकी इंचार्ज रानू चौधरी और एलआईयू की टीम पहले ही पहुंच गई। किसानों ने पैदल और ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीबीआई एकेडमी तक मार्च किया।

सीबीआई एकेडमी के पास इकट़्ठा हुए। ट्रैक्टरों में भरकर किसान राष्टï्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ ही रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें सीबीआई एकेडमी के पास रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गये। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आहवान पर कृषि सुधार कानून के खिलाफ शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्का जाम करने की घोषणा की गई थी। वहीं, जिलाधिकारी डॉ.अजय शंकर पांडेय एवं एसएसपी कलानिधि नैथानी पल-पल की जानकारी लेते रहे। किसानों के एकत्र होने के बाद मौके पर एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम विनय सिंह,सीओ सेकेंड अवनीश कुमार,एसपी सिटी अभिषेक वर्मा आदि प्रशासन-पुलिस और आरएएफ जवान मौके पर जुटे रहे। किसानों ने सीबीआई एकेडमी के पास गांव रईसपुर में सुबह इक_ा होने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक लग गई।

सुबह से ही भारी संख्या मेें पुंलिस बल सीबीआई एकेडमी के पास रईसपुर,सदरपुर गांव में तैनात कर दिया गया। सुबह 11 बजे सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों से मोदीनगर की ओर चलने को तैयार हुए, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके विरोध में किसानों ने सीबीआई एकेडमी के पास धरना दिया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह,वीरेंद्र नेहरा आदि ने कहा कि जब तक कृषि सुधार बिल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडियों को खत्म नहीं करने के प्रावधानों को जोड़ा नहीं जाता तब तक भाकियू का आंदोलन जारी रहेगा। उधर, मोदीनगर में भाकियू के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने करीब 12 बजे सड़क पर यातायात जाम कर दिया।

इसके चलते दिल्ली और मेरठ जाने वाले दोनों मार्ग पर जाम लग गया। हालांकि जाम की आशंका के मद्देनजर मौके पर आरआरएफ और आसपास के थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। इस अवसर पर भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, सतेंद्र त्यागी, जय मालिक, मनोज त्यागी, कुलदीप त्यागी, संदीप जिनवाल, विनीत त्यागी, बबली गुजज़्र, बबलू मराला, चंद्रपाल, सुशील त्यागी, वेदपाल मुखिया तहसील अध्यक्ष आदि मौजूद रहे। किसानों के चक्का जाम के चलते हापुड़ रोड पर जाम लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया। किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम साढ़े तीन बजे सड़क पर धरना दिया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजवीर सिंह ने कहा कि किसान आज दुहाई से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। वहीं, मेट्रो ट्रेन का दूसरे दिन भी समय प्रभावित रहा। मेट्रो ट्रेन के समय पर संचालित नहीं होने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि विधेयक व किसान विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को भाकियू का चक्का जाम के चलते केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान विरोधी कृषि विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की। किसानों के प्रदर्शन की वजह से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मास्टर मनोज नागर के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम सदर देवेंद्र पाल सिंह को कई मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की।