उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन ने किया एक द्विवसीय कार्य बहिष्कार
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन ने जीएसटी में आ रही समस्या व विसंगतियों के विरोध में गुरुवार को एक दिवसीय कार्य का बहिष्कार किया। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि तीन साल पूर्व जीएसटी लागू किया गया था, लेकिन सरकार ने इस संबंध में सिर्फ अपनी सुविधा को ध्यान में रखते हुए संशोधन किया। आम व्यापारी व टैक्स वकीलों की एक नहीं सुनी गई। वर्तमान में अनेक तरह की समस्याएं आ रही है, यदि सरकार ने इस तरफ जल्द कोई ध्यान नहीं दिया गया तो एसोसिएशन के पदाधिकारी व्यापारियों से टैक्स जमा न करने की अपील करेंगे। उन्होने बताया कि जीएसटी को लेकर इतनी समस्या है कि कोई सुनने वाला नहीं है। जीएसटी में पहली बार देखा गया है कि एक रिटर्न जमा नहीं करने पर दो बार विलंब शुल्क जमा करना पड़ता है। कहने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय समस्या और निराकरण समिति कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन उसकी उत्तर प्रदेश में प्रांतीय समिति की एक बैठक नहीं हुई। आरोप लगाया कि वर्तमान में सचल दस्ता डकैती का अड्डा बन चुका है। उसे व्यापारी का माल पकडऩे का अधिकार तो है, लेकिन छोडऩे का नहीं है। आज तक टिब्यूनल का गठन नहीं किया गया है, व्यापारी को माल पकडऩे जाने के बाद उसे छुड़वाने के लिए हाई कोर्ट जाना पड़ता है। इतना ही नहीं गाजियाबाद के किसी व्यापारी का माल आजमगढ़ में पकड़े जाने पर उसे वहां के चक्कर लगाना पड़Þते है। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को यदि जीएसटी में कोई संशोधन करना है तो उसे एक अप्रैल से लागू किया जाना चाहिए, लेकिन सरकार जीएसटी में अपनी सुविधा के अनुसार संशोधन किया, समय का कोई ध्यान नहीं रखा। इस दौरान संयुक्त सचिव उदयवीर, राकेश दीवान, अंकुर गुप्ता, पुष्पेंद्र भारदज आदि मौजूद रहे।
















